आगरा। जगदीशपुरा में करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जा कराने के मामले में पुलिस अभी तक मुख्य आरोपियों में से किसी को भी नहीं पकड़ सकी है। सोमवार को बिल्डर और थानाध्यक्ष के एनबीडब्ल्यू लेने की बात कही जा रही है। उसके बाद थानाध्यक्ष और बिल्डर पर इनाम घोषित किया जाएगा।
बता दें कि 50 करोड़ की जमीन पर कब्जे के लिए एनडीपीएस और शराब बरामद करने के दो फर्जी मुकदमे लिखे गए। दो महिलाओं सहित पांच निर्दोष जेल भेजे गए। आठ जनवरी को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे में थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, बिल्डर और उसका बेटा नामजद हैं। पुलिस ने अमित अग्रवाल और पुरुषोत्तम पहलवान को भी आरोपित बनाया है। पुलिस अभी तक सिर्फ गुर्गे अमित अग्रवाल को ही पकड़ पाई है। इधर शासन स्तर से भी घटना की गोपनीय रिपोर्ट मांगी गई है। खुफिया एजेंसियां भी अपने स्तर से सक्रिय हो गई हैं। खुफिया तरीके से इनपुट जुटाया जा रहा है। कब्जा कराने के मामले में ‘डबलएस’ का बल्ला भी सुर्खियों में छाया हुआ है। ‘डबल एस’ के बल्ले ने जमीनों और बड़े घरों की रार निपटाने के मामले में ही करोड़ों रुपए कमाए हैं। ऐसी चर्चाएं हैं। दोनों की मामले में कैसी संलिप्तता थी इस बात की जांच की जा रही है। कब्जे के खेल में शामिल खिलाड़ियों की कुंडली भी बनाई जा रही है। माना यही जा रहा है कि खिलाड़ियों का यह पहला खेल नहीं है। थानाध्यक्ष, बिल्डर, पहलवान के अलावा एक दर्जन नाम चिन्हित किए गए हैं। एक-एक के बारे में पड़ताल की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि अचानक एक बार निलंबित और एक बार लाइन हाजिर हुए दरोगा जितेंद्र कुमार को थाना प्रभारी कैसे बना दिया गया। नवागत पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड ने भी अधीनस्थों से साफ कहा है कि उन पर किसी का कोई दबाव नहीं है। कोई निर्दोष इस मामले में फंसना नहीं चाहिए और कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए।











