मथुरा। शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभेद सुरक्षा घेरे के बीच भक्ति भाव में डूबकर नंगे पैर गोवर्धन की परिक्रमा लगाई। भक्ति और आस्था का यह नजारा देखने लायक था।
परिक्रमा का शुभारंभ दानघाटी मंदिर से हुआ, जहां राष्ट्रपति ने गिरिराजजी का पंचामृत से अभिषेक कर विधि विधान से पूजा-अर्चना की।

मंदिर रिसीवर ललित शर्मा ने उन्हें पुष्पगुच्छ और राधा-कृष्ण का चित्रपट भेंट कर ब्रज की पारंपरिक आतिथ्य भावना को साकार किया। श्रद्धा का चरम उस समय देखने को मिला, जब राष्ट्रपति ने नंगे पांव परिक्रमा मार्ग पर कदम रखे। करीब 200 मीटर पैदल चलकर उन्होंने आस्था और सादगी का सशक्त संदेश दिया, तत्पश्चात वे गोल्फकार्ट में सवार हुईं। मार्ग के दोनों ओर छतों पर उमड़े श्रद्धालुओं ने ‘राधे राधे’ के जयघोष से पूरे वातावरण को गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रपति ने भी हाथ हिलाकर जनस्नेह को आत्मीयता से स्वीकार किया। आन्यौर में उन्होंने पुनः कुछ दूरी पैदल चलकर जनभावनाओं से जुड़ाव प्रदर्शित किया, वहीं पूंछरी पहुंचने पर राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। यहां भी उन्होंने कुछ कदम पैदल चलकर श्रद्धा की निरंतरता बनाए रखी।












