आगरा। छात्रा से दुष्कर्म का आरोपी डॉ. भीमराव आंबेडकर का बेस्ट प्रोफेसर न्यू आगरा थाना पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। वह वहां स्टे लेने की फिराक में गया था। नैनी के एक हॉस्टल में रुका हुआ था। पुलिस को देखते ही प्रोफेसर के पसीने छूट गए और उसने रोना शुरू कर दिया। बोला गलती हो गई। पुलिस उसे प्रयागराज से आगरा ले आई है। मुकदमा दर्ज होने के चार दिन बाद ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। इस बात को लेकर छात्रा ने भी पुलिस का धन्यवाद किया है।
एक शोध छात्रा ने उनके खिलाफ न्यू आगरा थाने में तहरीर दी थी। प्रोफेसर पर आरोप लगाया था कि दो साल तक शादी का झांसा देकर शोध छात्रा के साथ गलत काम किया। उसे खजुराहो और बरसाना के होटलों में ले जाकर दुष्कर्म किया। कार्यालय में बुलाकर छेड़छाड़ और मोबाइल तोड़ने की कोशिश की गई। धमकी दी कि मुंह खोला तो करियर बर्बाद कर दूंगा। उसने यह भी कहा कि मेरी पत्नी खूबसूरत नहीं है इसलिए तुमसे शादी करूंगा। साथ ही यह भी कहा कुलपति बनते ही तुम्हारी नौकरी भी लगाऊंगा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छात्रा के 164 के बयान और मेडिकल करा दिया है। छात्रा का आरोप है कि मेडिकल के दौरान चिकित्सकों ने उस पर प्रेशर बनाया कि वह मेडिकल नहीं कराए। डॉक्टर ने उन्हें बहलाना शुरू कर दिया। कहा कि मेडिकल जांच में यह नहीं आएगा कि वह प्रोफेसर गिल्टी है। तुम्हारा नीचे का हिस्सा हमेशा के लिए खराब हो जाएगा। बहुत पेन होगा। तुम्हें इस लफड़े में नहीं पड़ना चाहिए। कोई फायदा नहीं। मूव ऑन करो। क्यों इस पचड़े में पड़ी हो? इसके बाद छात्रा को गुमराह करके उससे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। छात्रा की एप्लीकेशन पर अब उसका दोबारा मेडिकल हो रहा है। गुरुवार को छात्रा थाने में यह पूछने के लिए पहुंची थी कि आखिर आरोपी कब तक गिरफ्तार होगा। उसने कहा था कि उसे न्याय चाहिए। इंस्पेक्टर राजीव त्यागी ने उसे आश्वासन दिया था कि जल्द ही पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी। देर रात पुलिस ने उसे प्रयागराज के एक हॉस्टल से दबोच लिया। पुलिस आज करीब 12:00 बजे उसे आगरा ले आई है। छात्रा पर तीन से चार प्रोफेसर के द्वारा राजीनामा करने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा था विवेचना में उन्हें भी पार्टी बनाया जाएगा। इंस्पेक्टर राजीव त्यागी ने बताया कि आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शोध छात्रा को विदेश ले जाने वाले प्रोफेसर सुर्खियों में
आगरा। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और कर्मचारियों के बीच में चर्चाएं हैं कि खंदारी परिसर के एक प्रोफेसर अपनी एक शोध छात्रा को विदेश ले गए थे। चर्चाएं हैं। शोध पूरा होने के बाद उनकी संविदा पर नौकरी भी लगवा दी गई। आखिर वह उसे विदेश क्यों ले गए थे? यह प्रोफेसर कौन है? जानने के लिए हर कोई उत्सुक है।











