पटना। बिहार की धरती चाणक्य के काल से ही राजनीति की प्रयोगशाला रही है। आजादी के बाद भी बिहार की धरती पर तरह-तरह के नए राजनीतिक प्रयोग देखने को मिलते रहे हैं। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के रिजल्ट से संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में एक नया रजनीतिक समीकरण भू+माय बनने जा रहा है। यहां भू का मतलब भूमिहार और माय का मतलब मुस्लिम एवं यादव है। यह नया राजनीतिक समीकरण आरजेडी प्रमुख लालू प्रयाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव मिलकर तैयार करने की कोशिश में जुटे हैं। यदि यह समीकरण वास्तव में काम करने लगा तो फिर बिहार की राजनीति नई करवट लेगी क्योंकि बिहार में इस समीकरण के सामने सभी बौने हो जाएंगे।
2019 के लोकसभा चुनाव में लालू यादव ने जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को साथ लाकर नया कॉम्बिनेशन बनाने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह विफल रहा। इसके बाद 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव कांग्रेस और वामदलों को साथ लेकर मैदान में पूरे दमखम के साथ उतरे, लेकिन चंद विधायकों की कमी के चलते सत्ता का स्वाद चखने से महरूम रह गए। सत्ता के इतने करीब पहुंचकर भी विपक्ष में बैठने की नौबत आने पर लालू परिवार समझ चुका है कि उनके सत्ता हासिल करने के रामबाण फॉर्मूले मुस्लिम+यादव में समाज के कुछ और लोगों को जोड़ना होगा तभी उनके परिवार का वनवास समाप्त हो सकता है। इसी के बाद तेजस्वी यादव ने बिहार में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए ए टू जेड फॉर्मूले पर काम करना शुरू किया।
तेजस्वी यादव ने ए टू जेड फॉर्मूले में पहला स्टेप लेने में एक होशियारी दिखाई है। उन्होंने देखा कि एनडीए के सबसे बड़े घटक दल बीजेपी के संगठन और सरकार दोनों में भूमिहार समाज को उचित जिम्मेदारी नहीं मिलने से इस जाति में एक अलग किस्म का गुस्सा है। इसी बात को भांपते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार विधान परिषद के चुनाव में अपने पारंपरिक वोटर मुस्लिम+यादव में भूमिहारों को जोड़ने का काम किया। 2015 में भूमिहार समाज से आने वाले बाहुबली नेता अनंत सिंह पर विनय उर्फ पुटुस यादव की हत्या करवाने के आरोप लगे थे। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार पर इतना दबाव बना दिया कि चुनाव से पहले अनंत सिंह को अरेस्ट करवाकर पटना के बेऊर जेल में बंद करवाना पड़ा था। इसके बाद लालू यादव कई मंचों से कहते सुने गए थे कि भूमिहार यादव को परेशान करेगा तो वह उसका अनंत सिंह जैसा हाल कर देंगे।
अनंत सिंह को साथ लाकर शुरू हुई भूमिहार समाज को तवज्जो देने की शुरूआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने उसी अनंत सिंह को मोकामा विधानसभा सीट से टिकट दिया और वह विधायक बने। ए टू जेड फॉर्मूले के तहत एमएलसी चुनाव में तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह की सलाह पर भूमिहार नेताओं कार्तिकेय मास्टर, इंजीनियर सौरभ और अजय सिंह को टिकट दिए और उन्होंने जीत भी दर्ज की। तेजस्वी यादव ने फैसले से भूमिहार समाज को मैसेज देने की कोशिश की कि अगर उन्हें इस जाति का सपोर्ट मिलता है तो वह आरजेडी में उन्हें उचित नेतृत्व और जिम्मेदारी देने को तैयार हैं।











