आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में री एग्जाम के रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर शिकायत करने पहुंचे छात्रों को जब अधिकारियों की कुर्सियां खाली मिली तो वे उग्र हो गए। सपा छात्र सभा और एनएसयूआई के पदाधिकारी भी उनके समर्थन में पहुंच गए। अधिकारियों के नहीं आने पर उन्होंने दो गेट तोड़ दिए। छात्र नेताओं और छात्रों के द्वारा अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
विश्वविद्यालय द्वारा बीए, बीएससी और बीकॉम का री एग्जाम अप्रैल महीने में कराया गया था। जिसका रिजल्ट मुख्य परीक्षा शुरू होने से करीब दो तीन दिन पहले ही जारी किया गया है। छात्रों का आरोप है कि जिन छात्रों ने दो विषय में री एग्जाम दिया था विश्वविद्यालय ने उनके एक विषय की कॉपी जांची है और दूसरे की कॉपी जांची ही नहीं, जिससे एक ही विषय का परिणाम जारी किया गया है। इसी समस्या को लेकर छात्र परीक्षा नियंत्रक से मिलने गए थे। परीक्षा नियंत्रक की कुर्सी खाली थी। इसके बाद वह कुलसचिव ऑफिस पहुंचे। वहां कुलसचिव की भी कुर्सी खाली थी। फिर वह कुलपति ऑफिस पहुंचे। वहां कुलपति की भी कुर्सी खाली थी। तीनों ही अधिकारी के नहीं बैठने को लेकर वह उग्र हो गए और भविष्य चौपट करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। दो गेट तोड़ दिए। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी उन्हें री एग्जाम का एक और मौका दे। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता राजन ठाकुर, मानवेंद्र सिंह, रवि यादव, अमित कुमार यादव आदि उपस्थित रहे। शहर अध्यक्ष अमित यादव का कहना है कि विश्वविद्यालय के अधिकारी सिर्फ घोटालों पर ध्यान दे रहे हैं उन्हें छात्रों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। छात्र नेता रवि यादव का कहना है कि विश्वविद्यालय के अधिकारी अपनी लापरवाही छुपाने के लिए बोल रहे हैं कि जिन कॉलेजों की फीस जमा नहीं थी उन्हें प्रवेश पत्र नहीं दिए गए हैं। कासगंज के कॉलेज पर लाखों रुपए बकाया है और उसे बड़ा केंद्र बनाया है। विश्वविद्यालय राजभवन और शासन को गुमराह करने के लिए दिखावा कर रहा है की फीस जमा नहीं थी। इसलिए प्रवेश पत्र नहीं दिए हैं। जबकि असलियत यह है कि वह आधी अधूरी तैयारियों के साथ परीक्षा करा रहा है।











