आगरा। दुराचार और गर्भपात के एक आरोपी को एत्माउद्दौला थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसे हवालात में बंद रखा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि लेनदेन कर उसे छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने इंस्पेक्टर एत्मादुद्दौला विनोद कुमार मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया है।
एक महिला की मुलाकात आठ साल पहले न्यू सीता नगर, टीवी टॉवर के पास रहने वाले योगेश तोमर से हुई थी। दोनों ने एक दूसरे के मोबाइल नंबर लिए। फोन पर बातचीत होने लगे। धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हो गई। आरोप है कि योगेश ने महिला को शादी का झांसा दिया। उससे संबंध बनाए। इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। जबरन उसका गर्भपात कराया गया। आरोपित ने महिला से शादी नहीं की। उसने दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। घटना स्थल आगरा का निकला। दिल्ली पुलिस ने मुकदमा आगरा ट्रांसफर कर दिया। मुकदमा एत्मादद्दौला थाने आ गया। पीड़िता थाना पुलिस से मिली। 23 दिसंबर की दोपहर 12 बजे पुलिस आरोपित के घर पहुंची। पीड़िता साथ थी। आरोपित घर पर मिल गया। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। थाने लेकर आई। हवालात में बंद कर दिया। पीड़िता को लगा पुलिस आरोपित को दूसरे दिन कोर्ट में पेश करेगी लेकिन आरोपित थाने से ही छूट गया। यह जानकारी पीड़िता को हुई तो उसके होश उड़ गए। पीड़िता का आरोप है कि 24 दिसंबर की रात नौ बजे आरोपित का पिता उसे मिला। उसे जान से मारने की धमकी दी। उससे कहा कि क्या कर लिया। एक लाख रुपये खर्च हुए। बेटा छूट गया। अब वह कहां जाएगी। महिला ने अपनी जान को खतरा बताते हुए एक और प्रार्थना पत्र दिया। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने इंस्पेक्टर एत्मादुद्दौला विनोद कुमार मिश्रा से पूछा क्या मामला है। इंस्पेक्टर ने उन्हें बताया कि आरोपित को पुलिस थाने लेकर आई थी। जांच में मामला ट्रांसयमुना थाना क्षेत्र का निकला। इसलिए आरोपित को छोड़ दिया। यह सुनते ही डीसीपी नाराज हुए। कहा कि ट्रांसयमुना थाना चंद कदम की दूरी पर है। आरोपित को ट्रांसयमुना पुलिस के सुपुर्द किया जा सकता था। घटना की जानकारी पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह को हुई। उन्होंने गंभीरता से लिया। तत्काल इंस्पेक्टर एत्मादुद्दौला विनोद कुमार मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया। पूरे प्रकरण की जांच और विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार को लेकर विजिलेंस की चल रही जांच
आगरा। इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा की भ्रष्टाचार संबंधी विजिलेंस जांच भी चल रही है। गोपनीय जांच के बाद खुली जांच शुरू हो गई है। मामला कन्नौज का है। वह कुछ दिनों पहले ही आगरा आए थे। सबसे पहले उन्हें नाई की मंडी थाने में प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद चंद दिन में ही पुलिस कमिश्नर ने उन्हें एत्माउद्दौला थाने का प्रभारी बना दिया था।











