आगरा। हरीपर्वत थाना पुलिस के द्वारा एक सॉल्वर गैंग को पकड़ा गया है। यह प्रतियोगी परीक्षा में असली अभ्यर्थी की जगह मोटा पैसा लेकर अपना सॉल्वर बैठाते थे। आरोपितों से पूछताछ में पुलिसकर्मी समेत गैंग के कई सदस्यों के नाम प्रकाश में आए हैं। पुलिस जानकारी के आधार पर जांच कर रही है।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि किसी भी परीक्षा से पहले दो दिन के लिए संबंधित परीक्षा की विंडो खुलती है। जिसके माध्यम से अभ्यर्थी किसी भी तरीके का संशोधन कर सकते हैं। यह विंडो इसलिए खुलती है कि किसी अभ्यर्थी से परीक्षा फ़ार्म भरने में कोई त्रुटि हुई है तो उसे वह सही कर सके। दो दिन खुलने वाली इसी विंडो का यह गैंग अनुचित लाभ लिया करता था। इस गिरोह के लोग दो दिन के लिए खुलने वाली विंडो में अभ्यर्थियों के फोटो हटाकर सॉल्वर गैंग के सदस्यों के फोटो लगा दिया करते थे। उसके बाद किसी भी परीक्षा में अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर गैंग के सदस्य परीक्षा देते थे।
पुलिस के द्वारा तीन लोगों को दबोचा गया है। जिनके मोबाइल से पुलिस ने पोस्ट एडमिट कार्ड और पोस्ट आधार कार्ड बरामद किए हैं। डीसीपी ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों में से एक कोचिंग संचालक है, जो अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें प्रलोभन दिया करता था। इस गैंग का दूसरा सदस्य सॉल्वर गैंग के लोगों से संपर्क में रहता था। पकड़े गए आरोपियों के नाम मनीष, अरुण यादव और ओमपाल सिंह हैं।











