आगरा। आगरा के जाने माने लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. लाखन सिंह की आज सुबह ट्रेन से कटकर मौत हो गई। वह अपनी बेटी को स्टेशन पर छोड़ने के लिए गए थे। बेटी को ट्रेन में बैठा के बाद जब वह उतर रहे थे उसी समय यह हादसा हुआ। आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंच गई और शव को उठाया। सिर धड़ से अलग हो गया था।
लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. लाखन सिंह गालव का क्लीनिक आरबीएस कॉलेज के सामने हैं। पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भी उनकी ओपीडी चलती है। पूर्व में वह आसोपा हॉस्पिटल में जाते थे। आज सुबह वह अपनी बेटी को छोड़ने के लिए राजा की मंड़ी रेलवे स्टेशन गए थे। बेटी को दिल्ली जाना था महाकौशल ट्रेन में बैठाने के दौरान दो मिनट बीत गए और वह ट्रेन से समय से नहीं उतर पाए। चलती ट्रेन से जब वह उतरे तो उनका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन के नीचे आ गए।

जब तक वे संभलते तब तक ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई।
लेप्रोस्कोपिक सर्जन का शरीर दो हिस्सों में बट गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। बेटी ने अपने पिता को ट्रेन के नीचे आते हुए देख लिया था आगे जाकर बिलोचपुरा स्टेशन पर वह उतर गई और राजा मंडी स्टेशन के लिए वापस आई। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। तीनों ही चिकित्सक हैं। डॉक्टर लाखन सिंह गालव ने उदयपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमएस की डिग्री हासिल की थी उनकी मौत की खबर सुनकर चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। फिजिशियन डॉक्टर डीपी शर्मा ने बताया कि डा. लाखन सिंह बहुत ही व्यवहार कुशल थे। शिशु चिकित्सक डॉ. मनोज जैन ने बताया कि डॉक्टर लाखन सिंह डॉक्टर अशोपा के भी बहुत अच्छे मित्र थे, उनके यहां उन्होंने कई साल तक प्रैक्टिस की थी। चिकित्सा जगत में उनका बहुत सम्मान था।











