आगरा। लेखपाल भीमसेन की गाड़ी गुरुवार सुबह फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में शाहगंज थाने में खोली गई। गाड़ी के अंदर से 10 लाख रुपए बरामद हुए। इसके बाद खलबली मच गई। अधिकारियों के द्वारा लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। चर्चाएं हैं कि लेखपाल के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है।
बुधवार रात दो लोगों ने पुलिस में शिकायत की थी कि लेखपाल की गाड़ी में 10 लाख रुपए रिश्वत के रखे हुए हैं। लेखपाल मौके से भाग गए थे। पुलिस गाड़ी को थाने ले गई थी। सुबह फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में गाड़ी को खोला गया। गाड़ी में से 10 लाख रुपए बरामद हुए। पांच लाख कार के डैशबोर्ड में और पांच लाख कार के पिछले हिस्से में रखे हुए थे। आरोपी लेखपाल भीमसेन के बेटे ने आरोप को निराधार बताया। बेटे ने कहा पैसा हमारा है हम सबूत देने के लिए तैयार हैं। लेखपाल संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष भीमसेन के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति बताई जा रही है। आय से अधिक संपत्ति को लेकर चार माह पूर्व इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की गई थी। इस जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वहीं, एसडीएम सदर नवोदिता शर्मा का कहना है कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेखपाल के विरुद्ध जो भी शिकायतें मिली हैं, उन सभी की जांच होगी।
लेखपाल भीमसेन को नौकरी करते हुए 25 साल का समय हो गया है। बागला एंक्लेव में भीमसेन के तीन फ्लैट हैं। शास्त्रीपुरम स्थित बाबूजी चौराहा, नौमील चौराहा में भाई के साथ, कागारौल मांगरौल जाट में रिश्तेदार के साथ पेट्रोल पंप है। मलपुरा में तीन कालेज हैं, जबकि नर्सिंग स्कूल खुलने जा रहा है। यही नहीं, आगरा-जयपुर हाईवे स्थित कौरई टोल प्लाजा के पास 28 बीघा भूमि है। इसमें आधी भूमि में एक विधायक की भी हिस्सेदारी है। नौमील में आठ बीघा में किन्नू के बाग हैं। 12 से 14 बीघा भूमि गामरी गांव जगनेर रोड में है। इसके अलावा शहर के कई अन्य क्षेत्रों में लेखपाल साथियों के साथ भी भूमि शामिल है। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। वहीं, एसडीएम सदर नवोदिता शर्मा का कहना है कि लेखपालों के भ्रष्टाचार को लेकर जो भी लंबित शिकायतें हैं उनकी फाइल तलब की गई हैं।











