इस्लामाबाद। पाकिस्तान में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव से ठीक पहले प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि इमरान के मंत्री फरोघ नसीम और अमीनूउल हक ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। ये दोनों ही मंत्री मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट- पाकिस्तान के सदस्य थे, जो इमरान खान सरकार से समर्थन को वापस लेने का ऐलान कर चुकी है। इस बीच इमरान खान के बारे में अटकलें तेज हो गई हैं कि वह जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं।
एमक्यूएम-पी के इन मंत्रियों ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री इमरान खान को भेज दिया है। ऐसी चर्चा थी कि नसीम इमरान खान का पक्ष लेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं और उन्हें पार्टी के फैसले को मानते हुए इस्तीफा देना पड़ा। दरअसल, इमरान खान के तमाम दावों और पैतरों के बाद भी उनके विरोधियों के खेमे में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इमरान खान की सरकार की मुख्य गठबंधन सहयोगी पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट- पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने भी अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्षियों का साथ देने की घोषणा करके इमरान की विदाई तय कर दी है।
शमा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल एसेंबली में एमक्यूएम-पी के सात सदस्य हैं और वह सत्तारुढ़ इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ की मुख्य गठबंधन सहयोगी है। एमक्यूएम के विपक्षी खेमे में चले जाने से इमरान की कुर्सी छीननी तय हो गयी है। विपक्षियों का दावा था कि एमक्यूएम-पी के समर्थन के बिना भी 169 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में हैं। इमरान खान की सरकार के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर 172 सदस्यों की मंजूरी चाहिये और अब एमक्यूएम-पी के विपक्षी खेमे में जाने से इमरान का बहुमत का आंकड़ा डगमगा गया है। एमक्यूएम-पी की समन्वयक समिति की बैठक बुधवार को उसके कराची स्थित मुख्यालय पर होनी है। एमक्यूएम-पी के समर्थन से उत्साहित पीपीपी के बिलावल भुट्टो जरदारी ने सब्जवारी के बयान को ट्वीट किया है। उन्होंने देश को बधाई दी है। एमक्यूएम-पी के नेता खालिद मकबूल, आमिर खान और वसीम अख्तर ने पार्लियामेंट लॉज में बुधवार की आधी रात संयुक्त विपक्ष के नेता आसिफ अली जरदारी, बिलावल भुट्टो जरदारी और शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस अवसर पर अन्य तीन पार्टियों के नेता भी मौजूद थे।











