लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने दूसरे कार्यकाल का एक माह पूरा कर लिया है। इसके साथ ही प्रदेश में शासन व्यवस्था एक बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने की योजना पर कार्य शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद की विशेष बैठक आज हुई। इसमें तमाम मंत्रियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सीएम योगी ने साफ कर दिया है कि सभी मंत्रियों को अपनी संपत्ति की घोषणा करनी होगी। परिजनों की संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक करना होगा। इसके अलावा मंत्रियों को मंडल बांट दिए गए हैं। यहां पर उन्हें जाकर विकास योजनाओं और सरकार के कार्यक्रमों के जमीन पर लागू होने की स्थिति की जानकारी लेनी है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दलितों की राजधानी कहे जाने वाले आगरा मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, दूसरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी मंडल के प्रभारी बनाए गए हैं।
मंत्रिपरिषद की विशेष बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के आचरण की शुचिता बहुत जरूरी है। इस भावना के तहत मंत्री पद की शपथ लेने वालों को शपथ ग्रहण के तीन माह के भीतर अपना और परिवार के सदस्यों की सभी चल और अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करनी होगी। उन्होंने साफ कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत मंत्रियों को निर्धारित आचार संहिता का पालन पूरी निष्ठा से करना चाहिए। इसके अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी लोकसेवकों यानी आईएएस और पीसीएस अधिकारियों और उनके परिजनों की संपत्ति भी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। इसे आनलाइन पोर्टल पर जारी किया जाएगा, ताकि आमलोग आसानी से देख सकें। सीएम योगी के निर्देश में केंद्र में चल रही पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार की ओर से जारी किए गए निर्देशों की झलक साफ तौर पर देखी जा सकती है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि शासन व्यवस्था से अपने परिवार के लोगों को अलग रखें। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों में उनके परिवार के सदस्यों का कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। हमें अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना होगा। सीएम ने कहा कि कैबिनेट के समक्ष सभी विभागों की सांगठनिक व्यवस्था से सभी लोग अवगत हो चुके हैं। आगामी 100 दिन, 6 माह, 1 साल, 2 साल और 5 साल की कार्ययोजना का प्रजेंटेशन भी हो चुका है। अब इसे जमीन पर उतारने का समय है। उन्होंने सभी मंत्रियों को विभागीय अधिकारियों का इसके लिए मार्गदर्शन करने का निर्देश दिया।
सीएम योगी ने कहा कि तीन सदस्यीय टीम को मंडलों का जायजा लेने के क्रम में एक जनपद में कम से कम 24 घंटे रहना अनिवार्य होगा। टीम का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ मंत्रियों को कम से कम दो जिलों का भ्रमण करने की जिम्मेदारी गई है। शेष मंत्री सुविधानुसार एक-एक जिले की जिम्मेदारी ले सकते हैं। मंडलों के भ्रमण के क्रम में मंत्री समूह को एक मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक का निर्देश दिया गया है। इसमें जनपदों को वर्चुअली जोड़ा जा सकेगा। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जरूर शामिल करने पर सीएम योगी ने जोर दिया। भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मंत्री समूहों को पूर्व जनप्रतिनिधियों, संगठन और विचार परिवार के सदस्यों के साथ भी बैठक का निर्देश दिया गया है। उनके विचार, समस्या और सुझावों पर सीएम ने ध्यान देने की बात कही। मंडल स्तरीय समीक्षा बैठकों में विभागीय प्रजेंटेशन भी देखा जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दूसरे कार्यकाल के दौरान मंत्रियों को जनता के साथ सीधे संवाद पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान मंत्री समूह जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन करें। इससे जनता से सीधा संवाद होगा। साथ ही, किसी एक विकास खंड या तहसील का औचक निरीक्षण भी इस दौरान करने के निर्देश दिए गए हैं। दलित और मलीन बस्ती में सहभोज कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण और गुणवत्ता की जांच की भी बात कही। भ्रमण के दौरान शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात का भी कार्यक्रम रखने का निर्देश दिया है।










