लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान आवारा पशुओं के फसल बर्बाद करने का मुद्दा जमकर चर्चा में था। योगी सरकार विपक्षियों के निशाने पर थी। तब सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी जनसभाओं में वादा किया था कि सरकार में वापस लौटने के बाद वह आवारा पशुओं के स्थायी समाधान के लिए योजना लेकर आएंगे। अब दोबारा सत्ता पर काबिज होने के महीने भर के भीतर योगी सरकार ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, योगी सरकार प्रदेश में आवारा पशुओं के लिए मेगा शेल्टर्स और अभयारण्य बनाने पर भी काम कर रही है। यहां छुट्टा जानवरों के लिए प्राकृतिक पर्यावास की व्यवस्था की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था में जिला मैजिस्ट्रेट्स को भी लगाया जाएगा। योगी सरकार का प्लान है कि 100 दिन के भीतर प्रदेश में 50 हजार आवारा पशुओं को शेल्टर मुहैया कराया जाए। वहीं छह महीने में यह संख्या एक लाख किए जाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही 50 मेगा गोशाला बनाने और मौजूदा गोशाला की क्षमता बढ़ाने का भी काम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त हर जिलों के मैजिस्ट्रेट्स को टारगेट दिया जाएगा कि वह हर दिन कम से कम 10 आवारा पशुओं को गोशाला में लाना सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने बताया है कि यह व्यवस्था दीर्घकालीन उपायों के तौर पर लाई जा रही है।
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