आगरा। वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के संबंध में मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने मंडल के चारों अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की।मंडलायुक्त ने चारों जनपदों में सड़क किनारे तीन बार, ताजमहल के आस-पास हर दो घंटे में टैंकर और स्मॉग गन से पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंडलायुक्त ने बढ़ते वायु प्रदूषण और धुंध को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण के रोकथाम को प्रभावी उपाय किये जायें। उन्होंने कहा कि विगत दिनों ताजमहल के आस-पास वायु प्रदूषण का अत्यधिक प्रभाव देखने को मिला। यदि धुंध में ताजमहल नहीं दिखेगा तो पर्यटक फिर शहर में क्यों आएंगे। यह स्थिति जन स्वास्थ्य के साथ आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन आदि के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि विशेषकर आगरा-मथुरा में वायु प्रदूषण से बुरा हाल है। शाम के समय धुंध और भी बढ़ रहा है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के संबंध में दिशा-निर्देश देने से पूर्व मंडलायुक्त ने चारों जनपदों के डीएम से उनके जनपद में वायु प्रदूषण की स्थिति की जानकारी लेते हुए पूछा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए क्या प्रयास किये जा रहे हैं।
मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में सड़क किनारे एक दिन में तीन बार व्यापक रूप से पानी का छिड़काव किया जाए। नगर निगम और पीडब्ल्यूडी सहित सभी विभागों द्वारा जहां भी निर्माण कार्य किये जा रहे हैं उन्हें ढककर रखा जाए। निर्माण स्थल के आसपास धूल न उड़े उसके लिए टैंकर या स्मॉग गन से लगातार पानी का छिड़काव होता रहे। सभी बड़े व निजी जगहों पर भी निर्माण कार्य हो रहा है तो वहां भी पानी का छिड़काव किया जाए। जहां पर पेड़-पौधों की संख्या ज्यादा है उन पर वॉटर स्प्रे किया जाए। ज्यादा से ज्यादा मैकेनिकल सफाई कराई जाए। कहीं भी सी एन डी वेस्ट न फैला हो। मंडलायुक्त ने कहा कि कूड़ा जलने की शिकायतें भी बहुत आती हैं। मैनपुरी जनपद में पराली जलाए जाने की कई घटनाएं सामने आईं हैं जिस कारण मैनपुरी में भी एक्यूआई काफी खराब हुआ है। इन घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जाए। वहीं ताजमहल के आस-पास वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मंडलायुक्त ने नगरायुक्त को कम से कम हर दो घंटे में पानी का छिड़काव करते रहने के निर्देश दिए।
आगरा और मथुरा के नगरायुक्त को निर्देश देते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ICCC के पर्यावरण सेंसर से एक्यूआई का एक्यूरेसी और इंटीग्रेटेड डेटा मिले। आवश्यकतानुसार आईटीएमएस स्टेशन की संख्या बढ़ाई जाए। जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि वे दिन में दो बार ICCC से मिलने वाले डेटा का विश्लेषण करें और प्रतिदिन उसमें सुधार किया जाए।
मंडलायुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन अपने स्तर पर सभी विभागों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों और प्रयासों की समीक्षा करेंगे। शासन से प्राप्त सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एनफोर्समेंट टीम तैनात की जाए जो लगातार मोनिटरिंग करें और जहां भी मानकों या नियमों की अनदेखी देखने को मिलती है, वहां जुर्माना लगाने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाए।










