आगरा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को आगरा के कागारौल में जनसभा की। उन्होंने कहा, “25 जून 1975 को कांग्रेस की सरकार ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। ये लोकतंत्र का गला घोंटना था। यह काला अध्याय हमेशा याद रखा जाएगा। हजारों की संख्या में नेताओं को उठाकर जेल में डाल दिया गया था।”
रक्षामंत्री ने कहा, “मैं भी उस समय एक जिले में जिलाध्यक्ष के रूप में काम करता था। उस वक्त मेरी उम्र 23 साल थी। मुझे भी जेल में डाला गया था। ढाई महीने तन्हाई में रखा गया था। 16 महीने जेल में रहा। मैं मानता हूं भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय 25 जून 1975 था।” राजनाथ सिंह यहां मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर महा जनसंपर्क अभियान के तहत पहुंचे थे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पटना में कांग्रेस अन्य राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक कर पीएम मोदी को सत्ता से बेदखल करना चाहती है।
उन्होंने कहा, “आज वहीं कांग्रेस पार्टी अन्य राजनीतिक दलों के साथ पटना में बैठक कर रही है। ये लोग पीएम मोदी को किसी भी तरह से सत्ता से बेदखल करना चाहते है। कांग्रेस कहती है कि लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं, अगर लोकतंत्र खतरे में है। तो राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक या छत्तीसगढ़ में आपकी पार्टी ने कैसे जीत दर्ज की। इसका कांग्रेस के पास कोई जवाब नहीं है।”
उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी लोकतंत्र का गला घोंट रही है तो हिमाचल, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सरकार कैसे बन गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कहा कि रक्षा मंत्री संगठन के साथ ही प्रदेश का नेतृत्व भी कर चुके हैं। उनके आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह चरम पर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल केवल आलोचना तक सीमित रह गए है। भाजपा ने जनता का विश्वास जीता है। यही कारण है कि अब विपक्षी दल एकजुट होने का दिखावा कर रहे हैं, लेकिन आगामी चुनाव में विपक्ष का पूरी तरह सफाया हो जाएगा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महानगर अध्यक्ष भानु महाजन, जीएस धर्मेश, अशफाक सैफी, निर्मला दीक्षित, हेमेंद्र शर्मा, डॉ. यादवेंद्र शर्मा, हेमंत भोजवानी, नवीन गौतम, गौरव शर्मा, सुनील कर्मचंदानी आदि मौजूद रहे।











