आगरा। परिषदीय विद्यालयों में वर्तमान में कार्यरत सभी अध्यापकों के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी अनिवार्यता किए जाने से असंतुष्ट शिक्षकों ने सोमवार को शिक्षक संगठन-यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के बैनरतले तहसील रोड स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर एकत्रित होकर सुभाष पार्क तक मशाल जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर के मार्गदर्शन में यूटा के जिलाध्यक्ष के.के.शर्मा के नेतृत्व में करीब एक हजार से अधिक शिक्षकों ने मशाल हाथ में थाम टीईटी वापिस लेने की माँग को बुलंद किया। इस अवसर पर उपस्थित रहे यूटा के प्रांतीय कोषाध्यक्ष वीपी बघेल ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा अधिकार अधिनियम 29 जुलाई 2011 को लागू हुआ था तत्समय अधिनियम में पूर्व के नियुक्त अध्यापकों को टीईटी से छूट प्रदान की गई थी लेकिन अगस्त 2017 में केन्द्र सरकार ने अध्यादेश संशोधन कर सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया जिसके आधार पर ही सर्वोच्च न्यायालय ने एक सितंबर को आदेश पारित किया है। यूटा के मंडल अध्यक्ष केशव दीक्षित ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश से देशभर के 25 लाख और प्रदेश में करीब दो लाख अध्यापकों के समक्ष नौकरी बचाने का संकट है। जिसके कारण प्रदेशभर के शिक्षक यूटा के बैनरतले आंदोलित हैं। संगठन के प्रदेश संगठनमंत्री यादवेन्द्र शर्मा ने अध्यापकों को आश्वस्त किया कि संगठन शिक्षकों के न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ेगा। अपनी सेवाशर्तों पर नियुक्त 20-25 वर्ष से नौकरी करने वाले शिक्षकों को नौकरी से बाहर कदापि नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन से पूर्व आयोजित सभा का संचालन यूटा के जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने किया। मशाल जुलूस में यूटा के जिला कोषाध्यक्ष अशोक जादोन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र चाहर, आनंद शर्मा, सुशील शर्मा, प्रवेश शर्मा, रमाशंकर पाराशर, निधि वर्मा, शिवसिंह, अशोक शर्मा, ओमवीर गुर्जर, ज्योति माहेश्वरी, हरेन्द्र राना, विजय कुमार, नितेश शर्मा, नारायण हरि यादव, निधि श्रीवास्तव, सौरभ शर्मा, रामहरि गुर्जर,सुशील जायसवाल, भुजवेन्द्र सिकरवार, अनिल उपाध्याय, देशबहादुर राठौर, कल्पना दुबे, मनोज मुद्गल, अमित राजोरिया, चारू मित्रा, निरंजन शर्मा, संजीव शर्मा आदि शामिल रहे।











