आगरा। एत्माद्दौला थाना क्षेत्र से सोमवार को तीन बदमाशों ने एक महिला का अपहरण कर उसकी बेटी से फोन कर 50 लाख की फिरौती मांगी थी। महिला गाड़ी में से निकल कर अपनी जान बचाकर भागी थी। बदमाशों से थाना पुलिस की गुरुवार सुबह मुठभेड़ हो गई। इसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसे उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। दो साथी भी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। चौथे आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
एक महिला जलकल विभाग में नौकरी करती है। महिला रॉयल पब्लिक के पास स्थित जलकल विभाग के ऑफिस में कार्यरत है। महिला की दो टिर्री भी चलती हैं। 20 मार्च को महिला के पास एक व्यक्ति का फोन आया कि आपके ड्राइवर का एक्सीडेंट हो गया है। वह घायल है। महिला जैसे ही अपने ऑफिस से बाहर निकली। ऑफिस के बाहर एक गाड़ी खड़ी हुई थी, उसमें बैठे व्यक्ति ने कहा कि आपका ड्राइवर कहां पर है हमें पता है। गाड़ी में बैठ जाइए। हम आपको अपने साथ ले चलते हैं। महिला के गाड़ी में बैठते ही उन्होंने महिला की कनपटी पर तमंचा रख दिया और कहा कि अपनी बेटी का मोबाइल नंबर दो। इसके बाद उनकी बेटी के नंबर पर फोन कर कहा कि अगर अपनी मां की जान बचानी है तो 50 लाख रुपए की फिरौती दे दो। इसके बाद वह महिला को गाड़ी में ही घुमाते रहे। कहरई के पास महिला को काफी तेज प्यास लगी, उसने बदमाशों से कहा कि उसे प्यास लगी है, पानी पिला दो। बदमाश जैसे ही गाड़ी से पानी लेने के लिए उतरे। महिला गाड़ी से उतर कर भागने लगी और शोर मचा दिया। लोगों को एकजुट होता देख बदमाश वहां से भाग गए। महिला की तहरीर पर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बदमाशों का सुराग लगाना शुरू कर दिया। एसीपी छत्ता राकेश कुमार और इंस्पेक्टर एत्माद्दौला राजकुमार को गुरुवार सुबह सूचना मिली कि बदमाश क्षेत्र में ही मौजूद हैं। जैसे ही बदमाशों को पुलिस पकड़ने गई, बदमाशों ने पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में साहिल नाम के बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसके साथी मयंक, संजीव चौधरी को भी पकड़ लिया है। मोनू अभी फरार बताया जा रहा है। अपहरण की साजिश संजीव चौधरी के कहने पर रची गई थी।












