आगरा। पुलिस कमिश्नर के द्वारा सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। सात पुलिसकर्मियों के एक साथ निलंबित होने के बाद खलबली मच गई है। इनमें तीन दरोगा हैं।
मंगलवार को पुलिस कमिश्नर के सामने ताजगंज के रहने वाले ऋषभ परमार पेश हुए थे। उन्होंने बताया कि उनका ट्रक खराब होने पर चालक धर्मवीर उसे सही कराने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर ले गया था। वहां दुकान बंद होने के चलते ट्रक सही नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने चालक से बोदला सिकंदरा रोड से बिचपुरी आने के लिए कहा। सिकंदरा में चेकिंग के दौरान तीन दरोगा और एक कॉन्स्टेबल ने ट्रक को रोक लिया। चालक से कागज मांगे। कागज दिखाने पर वह उन्हें फर्जी बताने लगे। इसके बाद वह ट्रक लेकर चल दिए। चालक ने मालिक को फोन कर जानकारी दी। ऋषभ मौके पर पहुंच गए। ट्रक छोड़ने के नाम पर पुलिसकर्मियों ने ऋषभ से 40 हजार की रिश्वत मांगी। कहा कि पैसे दे दो नहीं तो ट्रक नहीं छोड़ेंगे। ऋषभ ने एक परिचित को फोन किया। पुलिस कर्मियों को ऋषभ ने 20 हजार रुपये दिए। इसके बाद उन्होंने ट्रक छोड़ दिया। डीसीपी लाइन सूरज राय ने जांच की तो जांच में आरोप सही निकले इसके बाद एसआई गौरव राठी, नीरज कुमार, कॉन्स्टेबल रवि को निलंबित कर दिया गया है। दूसरी ओर बासोनी थाने के भी चार पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं। बताया जा रहा है कि 14 जून की रात चार पुलिसकर्मियों ने पशुओं से लदी गाड़ी को रोक लिया। पैसे के लिए चालक के साथ में मारपीट की। जांच में चारों पुलिसकर्मी दोषी साबित हुए हैं, जिसके बाद एसआई राजकुमार, कॉन्स्टेबल गुरप्रीत, सुनील कुमार, सुनील को निलंबित कर दिया गया है।











