-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। ट्रांस यमुना थाना पुलिस की लापरवाही से एक व्यापारी की हत्या हो गई। पुलिस ने उसे खोजने का बिल्कुल प्रयास नहीं किया। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत के 24 घंटे तो यही कहकर टालते रहे कि गायब होने के मामले में 24 घंटे बाद रिपोर्ट लिखी जाती है। 24 घंटे बाद भी एफआईआर दर्ज ना कर गुमशुदगी लिखी गई। परिजनों का आरोप है कि खोजने के नाम पर पुलिस ने 50 हजार रुपए ले लिए। इसके अलावा कभी कोल्ड ड्रिंक तो कभी पानी मंगाते रहे। व्यापारी को खोजने के लिए कैमरा देखना तो दूर पुलिस कुर्सी तक से नहीं उठी। आज जब व्यापारी का शव मिला है तो परिजनों के द्वारा थाने में हंगामा किया जा रहा है।
कालिंदी विहार निवासी 52 साल के विनोद कुमार का चांदी की पायल का काम था। पत्नी बबीता गुप्ता ने बताया कि 27 जुलाई को रात करीब साढे़ आठ बजे विनोद के मोबाइल पर किसी अनिल नाम के व्यक्ति का फोन आया था। अनिल ने उन्हें किसी स्थान पर बुलाया था। विनोद घर पर बोल कर गए थे कि वह 10 मिनट में वापस आ जाएंगे। आधे घंटे बाद जब उन्होंने कॉल किया तो फोन नहीं उठा। 15 मिनट बाद फिर से कॉल किया तो फोन बंद था। इसके बाद परिजन घबरा गए और ट्रांस यमुना थाने में पहुंचे। पत्नी ने बताया कि उन्होंने जब पुलिस को बताया कि उनके पति का फोन बंद आ रहा है उन्हें कुछ अनहोनी की आशंका है। इस पर पुलिस ने कहा कि गायब होने पर 24 घंटे बाद रिपोर्ट लिखी जाती है। अभी कोई सुनवाई नहीं होगी। यहां से चले जाइए। 24 घंटे तक परिजन घबराते रहे। इसके बाद जब वह थाने पहुंचे तो पुलिस ने f.i.r. की जगह गुमशुदगी दर्ज कर ली। पत्नी बबीता और बेटी शैली ने बताया कि पुलिस ने उनसे कहा कि तलाशने के लिए गाड़ी में डीजल लगेगा। तलाशने के नाम पर 50 हजार रुपए लिए। इसके बाद वह भरोसा दिलाती रही कि उसकी लोकेशन मिल गई है। वो बिल्कुल सुरक्षित हैं। आज रात को उनको लेकर सुपुर्द कर देंगे। वे जब भी थाने जाते पुलिस उनसे कभी कोल्ड ड्रिंक मंगाती तो कभी पानी की बोतल। इसके अलावा हंस-हंसकर वह चुटकी भी लेती। मंगलवार को उन्हें पता चला कि विनोद का मर्डर हो गया है, उनका शव मिला है। इधर पुलिस ने शव को अज्ञात में दाखिल कर दिया है। बताया जा रहा है कि एत्मादपुर में यमुना किनारे गायब होने के अगले दिन 28 जुलाई को शव मिला था। व्यापारी की हत्या की खबर सुनकर परिजनों ने थाने में जाकर हंगामा शुरू कर दिया, उन्होंने कहा कि घूस ले ली फिर भी नहीं खोजा गया। जिस दिन वह गायब हुए थे उसी दिन हमने अनहोनी की आशंका जताई थी, लेकिन 24 घंटे बाद आने की बात कहकर टहला दिया गया।

अगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो आज विनोद जिंदा होते। इधर हंगामा होने के बाद मंगलवार को दोपहर में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ लिया है। चर्चाएं हैं कि मुख्य आरोपी अनिल मृतक व्यापारी का दोस्त था। उसका व्यापारी के घर आना जाना था। उसने तीन लाख रुपए उधार लिए थे। विनोद उससे रुपए मांग रहा था। परिजनों का कहना है कि उन्होंने ही हत्या की है। एसीपी छत्ता आरके सिंह ने बताया कि व्यापारी विनोद गुप्ता का शव 28 अप्रैल को यमुना में मिला था। पुलिस ने शव के शिनाख्त कराने के प्रयास किए। शिनाख्त न होने पर अज्ञात में पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया। आज दोपहर में शव की शिनाख्त हुई। मृतक की बेटी का कहना है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस की लापरवाही की वजह से उनके पिता की हत्या हुई है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि तीन हत्यारों की गिरफ्तारी कर ली गई है। इनके नाम अनिल, रोहित और विशाल हैं। एक संदीप अभी फरार है। विनोद द्वारा पैसे मांगे जाने पर उनकी हत्या की गई है।

आगरा में यह कैसी पुलिसिंग हो रही, कई दाग लग चुके, कुछ मामलों पर डालें नजर
– जगदीशपुरा में युवती से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने कार्यवाही नहीं की जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
– ट्रांस यमुना थाने में एक घायल के खिलाफ ही जानलेवा हमला और एसिड अटैक की धारा में झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
– ट्रांस यमुना थाने में एक चोरी की मोटरसाइकिल चलाने के आरोप में पुलिस ने 36 घंटे हवालात में रखा। मोटरसाइकिल पुलिस ने जीडी पर दाखिल नहीं की। आरोप है कि 28 हजार रिश्वत भी ले ली। मामले में एसीपी की रिपोर्ट के बाद दो सिपाहियों पर कार्यवाही हुई है।
– ट्रांस यमुना थाने में पति-पत्नी के अंतरंग फोटो पुलिस ने ले लिए और उसकी शिकायत करने पर उन्हें वायरल करने की धमकी दी।
– ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने एक युवक को अवैध हिरासत में रखकर उसे थर्ड डिग्री दी और उसका पैर तोड़ दिया। आरोप है उससे 50 हजार मांगे गए। मामले में जांच चल रही है।
– खेरागढ़ में पुलिस ने दो लोगों को अवैध हिरासत में रखकर उनसे 30 हजार ले लिए। मामले में पहले दरोगा पर गाज गिरी बाद में थानाध्यक्ष पर।
– शाहगंज में पुलिस ने तीन लोगों को अवैध हिरासत में रखकर उनकी पिटाई कराई और जबरन तहसील में ले जाकर बैनामा करा दिया। मामले में इंस्पेक्टर को सिर्फ लाइन हाजिर किया गया।
– लोहामंडी में एक गरीब बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी देकर पुलिस ने सात हजार वसूल लिए। वीडियो वायरल होने के बाद कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया गया।
– छत्ता पुलिस ने तीन लोगों की गिरफ्तारी कर डीसीपी से शाबाशी ले ली, उसके बाद नाटकीय अंदाज में उन्हें छोड़ दिया। मामले में जांच चल रही है।
– पति और पत्नी का तलाक का केस चल रहा है और छत्ता पुलिस ने पति को दुष्कर्म के मामले में जेल भेज दिया। मामले में जांच चल रही है।
– एक महिला की हत्या कर दी गई। कमला नगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ जिसके बाद खुलासा हो सका। मृतका के भाई का आरोप है कि दरोगा ने दबिश के नाम पर एक लाख ले लिए।
रिश्वत लेने में यह पुलिसकर्मी हो चुके हैं निलंबित
-एसआई देवव्रत पांडे थाना सिकंदरा निलंबित वसूली के संबंध में
-एसआई गौरव राठी थाना सिकंदरा निलंबित वसूली के संबंध में
-एसआई नीरज कुमार थाना सिकंदरा निलंबित वसूली के संबंध में
-कांस्टेबल रवि थाना सिकंदरा निलंबित वसूली के संबंध में
-कांस्टेबल सोनू थाना लोहामंडी निलंबित वसूली के संबंध में
-एसआई राजकुमार थाना बासोनी निलंबित वसूली के संबंध में
-कांस्टेबल गुरप्रीत बासोनी निलंबित वसूली के संबंध में
-कांस्टेबल सुनील कुमार बासोनी निलंबित वसूली के संबंध में
-कांस्टेबल सुनील बासोनी निलंबित वसूली के संबंध में
-इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश थाना ट्रांस यमुना, सस्पेंड कब्जा कराने के संबंध में
-दरोगा सुरजीत, सस्पेंड कब्जा कराने के संबंध में
-इंस्पेक्टर शाहगंज जितेंद्र कुमार, लाइन हाजिर कब्जा कराने के संबंध में
-सैया थाने के कांस्टेबल शिशुपाल सिंह निलंबित वसूली के संबंध में
-खेरागढ़ के एसआई जयकुमार निलंबित अवैध वसूली के संबंध में
– ट्रांस यमुना थाने के कॉन्स्टेबल सुनील और उपेंद्र निलंबित बाइक को थाने में खड़ी कराने के संबंध में










