-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। थानाध्यक्ष जितेंद्र का नया ठिकाना बैरक नंबर नौ है। इस बैरक में पहले से 70 अभियुक्त बंद हैं। बुधवार रात को वह करवटें बदलता रहा। उसे नींद नहीं आई। गुरुवार को वह गुमसुम रहा। लाइन में लगकर नाश्ता लिया, खाना लिया। थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार के जेल जाने के बाद सभी लोग यही बोल रहे है कि लोगों को जेल की रोटी खिलाने वाले एसओ जितेंद्र कुमार खुद जेल में है।
जिला जेल के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की शाम जितेंद्र कुमार को जेल में दाखिल किया गया। तलाशी के बाद उन्हें बैरक नंबर नौ में भेजा गया। वहां पहले से 70 कैदी बंद हैं। जेल कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि जितेंद्र कुमार की गतिविधि पर नजर रखें। जब भी कोई पुलिस वाला जेल में बंदी बनकर आता है तो सुरक्षा बढ़ा दी जाती है ताकि बैरक में उसके साथ कोई घटना नहीं हो जाए। जितेंद्र कुमार ने गुरुवार की सुबह लाइन में लगकर नाश्ता लिया। खाना लिया। वह ज्यादा किसी से बात नहीं कर रहे हैं। इधर जिला जेल में वह अकेले नहीं है। पहले से दो पुलिस वाले बंद हैं। उनकी बैरक अलग है। बरहन थाने से दरोगा संदीप दुराचार में जेल गया था। उसका खंभे से बांधकर पिटाई का वीडियो भी वायरल हुआ था। हाल ही में 30 दिसंबर को छत्ता थाने से सिपाही राघवेंद्र को जेल भेजा गया था। उसकी दोस्त ने उसके कमरे पर खुदकुशी कर ली थी। उसके खिलाफ दुराचार और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज हुआ था।
पहलवान और बिल्डर पर कल होगा इनाम घोषित
शुक्रवार को बिल्डर और पहलवान पर इनाम घोषित करने की तैयारी है। डीसीपी सिटी ने एसओ जगदीशपुरा से इनाम के लिए रिपोर्ट मांगी है। वहीं पुलिस ने बिल्डर और पुरुषोत्तम पहलवान के गैर जमानती वारंट के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है।
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि फरार बिल्डर और पुरुषोत्तम पहलवान पर इनाम की तैयारी है। शुक्रवार को तीनों आरोपियों पर इनाम घोषित किया जाएगा। तीनों जल्द पुलिस के सामने नहीं आए तो पुलिस कोर्ट में कुर्की पूर्व नोटिस के लिए प्रार्थना पत्र देगी।
एसआईटी को अपनी जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं
एसआईटी को अपनी जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। एसओ जितेंद्र कुमार की तैनाती जून 2023 में जगदीशपुरा थाने में हुई थी। उनकी तैनाती के लिए पीछे एक मकसद इस जमीन को खाली कराने का था। हालांकि इसका किसी के पास कोई प्रमाण नहीं है। पुलिस को जानकारी मिली है कि जमीन की कथित मालकिन उमा देवी ने इस जमीन का सौदा मथुरा की एक पार्टी से किया था। यह सौदा मई में हुआ था। इस सौदे में पीड़ित परिवार की पैरवी करने वाले धर्मेंद्र वर्मा ने अहम भूमिका अदा की थी। मथुरा की पार्टी ने जून के महीने में जमीन पर बुलडोजर चलवाया था। जमीन को समतल किया गया था। इसी दौरान उमा देवी का नाम खतौनी में बढ़वाया गया था। क्षेत्रीय पार्षद ने अपने लैटरहेड पर यह लिखकर दिया था कि उमा देवी टहल सिंह की बहू हैं। उनके बेटे की पत्नी हैं। इसी आधार पर तहसील में खतौनी में नाम बढ़वाने के लिए आवेदन किया गया था। जमीन का सौदा हो गया है। उस पर मथुरा की पार्टी कब्जा लेने वाली है। पांच करोड़ की डील हुई है। यह जानकारी बिल्डर को हुई तो वे सक्रिय हुए। आनन-फानन में जमीन को खाली कराने के प्रयास किए गए। 25 अगस्त को पहले गांजे का वीडियो वायरल कराया गया। उसके बाद 26 अगस्त 2023 को जगदीशपुरा पुलिस ने नौ किलोग्राम गांजा सहित रवि कुशवाह, संकरिया और ओमप्रकाश को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।











