आगरा। हरीपर्वत थाने में एक व्यक्ति ने सूचना दी कि मेरे नाती का आईएसबीटी से अपहरण हो गया है। सूचना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और उनके नाती को खोजने के प्रयास शुरू कर दिए। नाती के मिलने के बाद सामने आया कि उसने अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी।
रत्नेश सिंह निवासी फर्रुखाबाद द्वारा 112 पर सूचना दी गई कि मेरे नाती आकाश का आईएसबीटी से अपहरण कर लिया गया है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने आकाश को खोजने के प्रयास शुरू कर दिए। पुलिस आकाश तक पहुंच गई। पूछताछ में आकाश ने बताया कि मैं बल्लभगढ़ में 15 हजार महीने की नौकरी करता हूं। फिलहाल मुझे किसी काम के लिए रूपयों की आवश्यकता थी। शनिवार रात 9:00 बजे मैं बल्लभगढ़ से अपने घर जाने के लिए बस में बैठा था। जब मैं आईएसबीटी आगरा आ गया तो मेरे मन में यह बात आई कि अपने अपहरण की झूठी सूचना देकर घरवालों से कुछ रुपए ले लूंगा। मैंने अपने मोबाइल से घर वालों को मैसेज किया कि मेरा अपहरण हो गया है और फिर मैं राहगीरों के हॉटस्पॉट से अपने फोन को कनेक्ट कर घर वालों से मैसेज के माध्यम से रुपए की मांग करने लगा। घर वालों को अपहरण की घटना सही लगी। मैंने अपने बाएं कंधे के पास थोड़ी सी खरोच मार कर घर वालों को फोटो भी भेज दिया था। यह पूरा प्लान मैंने क्राइम पेट्रोल नाटक देखकर बनाया था। मैं अपनी गलती के लिए माफी मांग रहा हूं।











