आगरा। मलपुरा थाना क्षेत्र के एक युवक का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने अपहरण की सूचना को गंभीरता से नहीं लिया और दो दिन तक पीड़ित परिवार को टहलाती रही। पुलिस 6 दिन से उसका शव बरामद नहीं कर पा रही है। पुलिस की कार्यशैली से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज सुबह मलपुरा थाने का घेराव कर लिया। पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। शव नहीं मिलने पर कुछ महिलाओं ने थाने के अंदर आत्महत्या करने की कोशिश की। इसके बाद जाम लगा दिया गया।
नगला हट्टी निवासी भूरी देवी के बेटे सुशील के पास दो जून को राहुल जोशी के नाम से फोन आया था। उसे नगला रेवती बुलाया गया। इसके बाद सुशील का नंबर बंद हो गया। परिजनों को चिंता हो गई। उसी दिन एक मोबाइल नंबर से भूरी देवी के पास फोन आया, जिसमें कहा कि सुशील हमारे पास है उसका अपहरण कर लिया है। अपने लड़के को बचा लीजिए। छोड़ने के लिए पैसों की डिमांड की गई। भूरी देवी मलपुरा थाने में गई और थानाध्यक्ष से मिलीं। उन्होंने अपहरण की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। जांच करने की बात कहकर वह टहलाते रहे। हाथ पैर जोड़ने के बाद बुधवार को अपहरण का केस दर्ज किया। गुरुवार को ग्रामीणों ने थाना घेर लिया और पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके बाद देर रात पुलिस ने मलपुरा निवासी राहुल जोशी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। राहुल ने सुशील चाहर की हत्या कर शव ठिकाने लगाना स्वीकार किया। मादक पदार्थ और शराब तस्करी समेत कई मुकदमों में जेल जा चुके राहुल जोशी से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि उसे सुशील पर मुखबिरी करने का शक था। इसके चलते दो जून को उसे घर पर बुलाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद कार की डिक्की में शव रखकर ठिकाने लगाने ले गया था। पुलिस को कार में खून के धब्बे भी मिले हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर मिले खून का नमूना लिया है। इसका मिलान सुशील के माता-पिता के डीएनए से किया जाएगा। बताया यह भी जा रहा है कि सुशील का शव पिनाहट के पास चंबल नदी में जलती चिता में जला दिया गया है। इस बात की भी पुष्टि की जा रही है।
इधर शनिवार को ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। छह दिन बीत जाने के बाद भी शव नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है। सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने में पहुंच गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुशील की मौत की जिम्मेदार थाना पुलिस है। यहां दिनभर वसूली होती है। सुनवाई किसी की नहीं होती है। अपहरण जैसे मामले को भी गंभीरता से नहीं लिया गया। क्योंकि इस मामले में पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए पैसे नहीं मिल रहे थे।

एक महिला ने पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर थाने के अंदर घुसकर रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया। साथी लोगों ने उसे बचा लिया। महिला का कहना था कि वह आत्महत्या कर रही है। उसकी मौत के जिम्मेदार थानाध्यक्ष और थाने के अन्य लापरवाह पुलिसकर्मी होंगे।

आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम भी लगा दिया। महिलाएं सड़क पर लेट गई और पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। कुछ लोग तो बेहोश भी हो गए हैं।












