आगरा। महिला पर आपत्तिजनक कमेंट के आरोप में शाहगंज थाने में बंद आरोपी को छुड़ाने के लिए एक दलाल ने उसकी पत्नी को फोन कर पैसे मांगे। पैसे के लिए दलाल ने एक नहीं कई फोन किए। महिला थाने आ गई और हंगामा किया। मामला सुर्खियों में आने के बाद दलाल के खिलाफ चौथ वसूली का मुकदमा दर्ज हो गया है, लेकिन उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है जो उसे चौकी पर लैपटॉप के साथ बैठाते थे।
गढ़ी भदौरिया निवासी आरती ने मुकदमा दर्ज कराया। महिला का कहना है कि सराय ख्वाजा के पास ऑटो में जा रही महिला से उसके पति जैकी ने कुछ बोल दिया था। ऑटो में थाने पर तैनात एक पुलिसकर्मी भी सवार था। उसने पीछा करके जैकी को पकड़ लिया। उसे सराय ख्वाजा चौकी पर छोड़ दिया। जानकारी पर आरती अपने भांजे के साथ सराय ख्वाजा चौकी पर आई। उसके पति जैकी ने महिला से माफी मांगी। उसने समझौता लिखकर दे दिया। आरोप है कि सराय ख्वाजा चौकी के प्राइवेट एजेंट ने आरती के भांजे का मोबाइल नंबर ले लिया। पुलिस आरती के पति को थाने लेकर आई। प्राइवेट एजेंट भी साथ था। थाने से वह आरती के भांजे को फोन करने लगा। पति को छुड़ाने के एवज में चार हजार रुपये मांगने लगा। महिला के पास इतने रुपये नहीं थे। उसने अपनी मजबूरी जताई। प्राइवेट एजेंट ने कई फोन किए। महिला ने कॉल रिकार्ड कर लिया। वह सीधे इंस्पेक्टर शाहगंज के पास पहुंच गई। उन्हें पूरी घटना बताई। रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। मामला बिगड़ता देख आनन-फानन में महिला की तहरीर पर रंगदारी मांगने की धारा के तहत मुकदमा लिखा गया। इंस्पेक्टर शाहगंज कुशलपाल सिंह ने बताया कि मुकदमा में महिला ने आरोपित का मोबाइल नंबर खोला है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का दलाल था इसलिए नहीं पकड़ा जा रहा ?
मुकदमा 18 जुलाई को लिखा गया। चार दिन में पुलिस आरोपित को नहीं खोज पाई है। सूत्रों की मानें तो आरोपित को सराय ख्वाजा चौकी पर पुलिस अच्छे से जानती है। वह चौकी पर ही बैठता था। लैपटॉप लेकर आता था। इस दलाल को जिस पुलिसकर्मी ने चौकी पर बैठाया था। वह पूर्व में विवादों में रहा है। एक ऑडियो वायरल होने पर उसका निलंबन हुआ था। ऑडियो में उसने दारू की डिमांड की थी। क्या पुलिस से मित्रता के चलते उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है?
पुलिस कमिश्नर की सख्ती के बाद भी नहीं सुधर रहे थाना और चौकी प्रभारी
पुलिस कमिश्नर ने कई मीटिंग में कहा है की चौकी और थाने पर बाहरी व्यक्ति को ना बैठाया जाए। इसके बावजूद कई थाने और चौकी दलाल चला रहे हैं। चर्चा है कि पुलिसकर्मियों ने यह इसलिए पाल रखे हैं जिससे वह लोगों से सीधे पैसे मांग सकें। क्योंकि पुलिसकर्मी मांगेंगे तो उनके फंसने की संभावना रहेगी।











