आगरा,। सिकंदरा में गला काटकर सोल कारोबारी की हत्या की गई थी। 13 दिन चली लंबी जांच के बाद पुलिस ने उनके साझेदार रीतेश गुप्ता को रविवार को जेल भेज दिया। फिलहाल पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। कारोबारी का गला सोल काटने की मशीन के ब्लेड से काटा गया था। साझेदार ने घटना स्थल पर आकर उसे उठाकर एक जगह छिपा दिया था। परिजन लगातार उसी पर हत्या का शक जता रहे थे।
12 अगस्त की सुबह फिरोजाबाद निवासी संजीव गुप्ता का शव फैक्ट्री के ऑफिस में पलंग पर मिला था। वह अवसाद में थे। मनोचिकित्सक से उनका इलाज भी चल रहा था। साझेदार रीतेश गुप्ता से उनका विवाद चल रहा था। आरोप है कि साझेदार ने उनके साथ बेईमानी की थी। घटना के समय फैक्ट्री की पहली मंजिल पर कर्मचारी नरेंद्र उसकी पत्नी और मासूम बच्चा मौजूद थे। कर्मचारी ने अपने बयान में पुलिस को जो बताया वह जांच में सही निकला। कर्मचारी रविवार की शाम साढ़े सात बजे मालिक को खाना देकर अपने कमरे में चला गया था। दूसरे दिन उतरकर नीचे आया था। सीसीटीवी से इसकी पुष्टि हुई थी।शनिवार को घटना स्थल पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम आई थी। क्राइम सीन का दोहराव कराया गया। शायद कुछ ऐसा मिल जाए जिसे पुलिस मिस कर रही हो। पुलिस ने उस डॉक्टर के बयान लिए हैं जिससे कारोबारी का इलाज चल रहा है। इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों ने साझेदार के खिलाफ बयान दिए हैं। इस बात का साक्ष्य मिला है साझेदार ने मौके पर आकर आला कत्ल को उठाया। उसे एक दूसरी जगह बोरे के नीचे छिपाया था। इसी आधार पर उसे हत्या की धारा के तहत जेल भेजा गया है। परिजनों के बयान में हत्या की वजह भी है। पुलिस अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। खुदकुशी के पहलू से जांच जारी है।











