प्रयागराज। देर रात प्रयागराज में महाकुंभ में भगदड़ मच गई। भगदड़ की वजह से 20 लोगों की मौत की सूचना आ रही है। हालांकि मरने वालों की संख्या कहीं अधिक बताई जा रही है। भारी संख्या में लोग भी घायल हुए हैं, उन्हें अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। दर्दनाक हादसा रात में करीब 2:00 हुआ। मुख्यमंत्री ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
महाकुंभ में मौनी अमावस्या के लिए मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। रात में स्नान शुरू होने के बाद संगम में भीड़ अधिक बढ़ गई। संगम तट और उसके आसपास लाखों श्रद्धालु जमा हो गए। अखाड़ों के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग भी कुछ स्नानार्थियों ने तोड़ने का प्रयास किया। जिसको जहां से जगह मिलती उधर ही चला जाता। आधी रात के बाद स्नानार्थियों की भीड़ संगम तट के करीब ठहर गई, जिससे स्थिति बिगड़ने लगी। रात करीब दो बजे स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई तो भगदड़ मच गई।
इधर-उधर भागती भीड़ में जो नीचे गिर पड़ा वह उठ नहीं सका, जिसने भागने का प्रयास किया वह भी दब गया। हादसा पिलर नंबर 157 के पास हुआ है। मेला कंट्रोल रूम और पुलिस कंट्रोल रूम को यह सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पैरामिलिट्री फोर्स, एबुंलेंस को अलग-अलग स्थान से संगम की ओर रवाना किया गया। इसके बाद एंबुलेंस में तमाम श्रद्धालुओं को भरकर लाया गया। केंद्रीय अस्पताल में कई लोगों को जमीन पर लिटाया गया था, जिनके बारे में एक अस्पतालकर्मी ने कहा कि उनकी मौत हो गई है।
भगदड़ हादसे के बाद सभी तीर्थयात्रियों से विनम्र आग्रह किया जा रहा है कि संगम की ओर आने की कोशिश ना करें। अन्य घाटों पर स्नान करें और अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। महाकुंभ क्षेत्र में लगे सैकड़ों माइक पर यही आवाज गूंज रही है, जो भगदड़ की दिल दहलाने वाली तस्वीर की गवाही भी है। इधर महाकुंभ में हुए हादसे की जानकारी प्रधानमंत्री ने भी कई बार फोन करके मुख्यमंत्री से ली।
इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि, ‘प्रयागराज में भीड़ का भारी दबाव है और जो घटना घटी है, वह बैरिकेड को फांदने के कारण हुई है। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। प्रशासन सबके सहयोग के लिए तत्पर है। मैं लोगों से अपील करूंगा कि वह प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें.’।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के कारण कई लोगों के मौत और कइयों के घायल होने की ख़बर अत्यंत दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं।”
उन्होंने लिखा, ”इस दुखद घटना के लिए कुप्रबंधन, बदइंतजामी और आम श्रद्धालुओं की जगह वीआईपी मूवमेंट पर प्रशासन का विशेष ध्यान होना ज़िम्मेदार है। अभी महाकुंभ का काफी समय बचा हुआ है, कई और महास्नान होने हैं। आज जैसी दुखद घटना आगे न हो इसके लिए सरकार को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।”
राहुल गांधी ने लिखा, ” वीआईपी कल्चर पर लगाम लगनी चाहिए और सरकार को आम श्रद्धालुओं के जरूरतों की पूर्ति के लिए बेहतर इंतजाम करने चाहिए. कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से अनुरोध करता हूं कि पीड़ित परिवारों की मदद करें.”











