आगरा। आगरा में बुधवार सुबह छह बजे से शुरू हुई बारिश ने एक बार फिर से विकास के दावों की पोल खोल दी। कई जगह जलभराव होने की वजह से घरों में पानी घुस गया है। नाले उफान मार रहे हैं। हर कोई नगर निगम को कोस रहा है।
मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश का असर बुधवार तक बना हुआ है। बारिश ने नगर निगम के मानसून पूर्व नाला सफाई अभियान की पोल खोल दी है। शहर के 20 से अधिक इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। रोड पर करीब दो-दो फीट तक पानी भर गया। दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। अलबतिया रोड, पृथ्वीनाथ फाटक 100 फीट रोड, मानस नगर, एमजी रोड, रामबाग, आवास विकास सहित कई प्रमुख इलाकों में बारिश बंद होने के चार घंटे बाद तक पानी सड़कों पर जमा रहा। इससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। बारिश के बीच सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दिल्ली गेट, कालिंदी विहार, इंद्रापुरम और कोठी मीना बाजार-मारुति एस्टेट रोड पर खुदाई के कारण सड़कें पहले ही संकरी हो चुकी हैं। बारिश के बाद इन स्थानों पर कीचड़, गड्ढे और सड़क धंसने जैसी समस्याएं सामने आईं। हाल ही में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को फटकार लगाई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। नगर निगम ने दावा किया था कि मानसून से पहले 15 जून तक शहर के सभी नालों की सफाई पूरी कर दी जाएगी। आगरा में कुल 410 नाले हैं, जिनमें 18 बड़े, 151 मझोले और 241 छोटे नाले शामिल हैं। लेकिन पहली प्रभावी बारिश में ही कई इलाकों में जलभराव होने से साफ हो गया कि सफाई अभियान अपेक्षित स्तर पर सफल नहीं रहा।










