आगरा। जगनेर में शनिवार को छेड़छाड़ पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। आरोपित पक्ष ने शनिवार को पीड़िता के पिता को धमकी दी। इसके बाद आहत पीड़िता ने फंदे से लटक कर जान दे दी। पुलिस द्वारा कोर्ट में पीड़िता के बयान तो दर्ज करा दिए गए थे लेकिन आरोपियों के खिलाफ 13 दिन में भी वह कोई कार्रवाई नहीं कर सकी थी।
24 फरवरी की रात युवती घर में अकेली थी। पड़ोसी युवक देर रात उसके घर में घुस गया और छेड़छाड़ करने लगा। युवती ने शोर मचाया तो आरोपित भाग गया। 26 फरवरी को मामला दर्ज हुआ। पीड़िता के दिव्यांग पिता ने बताया कि पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी। शनिवार को आरोपित पक्ष ने समझौता न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। बेटी को इसकी जानकारी हो गई। इसके बाद उसने शनिवार शाम घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें लिखा है कि लोक लाज की वजह से मैं सुसाइड कर रही हूं। पीड़िता के पिता ने बताया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस उसे नाबालिग बताती रही। आरोपी की स्कूल की टीसी को ही उन्होंने उसकी उम्र का आधार मान लिया। उसका मेडिकल तक नहीं कराया, जिससे उसकी सही उम्र का पता चल जाता। आरोपी के खिलाफ सा़्क्ष्य मिलने के बाद कार्रवाई की बात कहीं जाती रही। आरोपी बेफिक्र होकर बाहर घूमता रहा। तीन दिन पहले ही उन्होंने एसीपी खेरागढ़ के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। पीड़िता ने अपने सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि उसके कारण समाज में परिवार का अपमान हुआ है।











