आगरा। विशेष न्यायालय के पीठासीन अधिकारी (सेवानिवृत) एचजेएस सत्येंद्र सिंह वीरवान ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी अजय कुमार शर्मा को कुल एक करोड़ पांच लाख चालीस हजार रूपये देने का फैसला सुनाया है।
मामला वर्ष 2018 का है। आरोपी अजय कुमार शर्मा पुत्र कांति प्रसाद शर्मा मैं. वैष्णो कंस्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग कंपनी के स्वामी हैं। इनकी फर्म को वर्ष 2018 में कन्नौज में उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिशासी अधिकारी निर्माण खंड के द्वारा निर्माण कार्य के लिए ठेका दिया गया था। इस निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए अजय कुमार शर्मा ने मैसर्स देव कंस्ट्रक्शन के स्वामी दिलीप तिवारी को ठेका दिया था। समय रहते दिलीप तिवारी की फर्म मैसेज देव कंस्ट्रक्शन ने काम पूरा करने से पहले ही उनसे निर्माण कार्य करना बंद कर दिया। उक्त निर्माण कार्य की एवज में अजय कुमार शर्मा द्वारा 85 लाख रूपये का चेक दिया गया। इस चेक को दिलीप तिवारी ने अपनी बैंक में भुगतान के लिए लगाया, जिस पर बैंक द्वारा ‘पेमेंट स्टॉप बाई ड्रावर’ टिप्पणी लिखकर रद्द कर दिया गया। इसको लेकर दिलीप तिवारी ने डाक द्वारा अजय कुमार शर्मा को विधिक नोटिस भिजवाया। विपक्षी द्वारा नोटिस का जवाब देते हुए भुगतान से इनकार कर दिया गया। इसके कुछ समय बाद आरोपी ने न्यायालय में अपने चेक और बैंक के कुछ कागजात खोने की बात कह कर गुमराह करने का प्रयास भी किया। यह जानकारी दिनेश तिवारी के अधिवक्ता अवधेश शर्मा ने दी।











