आगरा। उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति देने के उद्देश्य से रविवार को होटल जेपी पैलेस में तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश फूड एक्सपो एवं कॉन्क्लेव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। देशभर के उद्योगपतियों, उद्यमियों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों की मौजूदगी में आयोजित इस विशाल आयोजन में खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, पैकेजिंग, निर्यात, कोल्ड चेन, आधुनिक तकनीक और एमएसएमई क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर व्यापक मंथन हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग और एमएसएमई सेक्टर ही उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का सबसे सशक्त माध्यम साबित होंगे।
चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, आगरा द्वारा आयोजित इस एक्सपो को भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय, एपीडा, उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण विभाग, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, यूपीएसआईडीसी सहित अनेक संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत सरकार के राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल तथा प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद दोनों अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास का रास्ता केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि एमएसएमई, उद्योग और उद्यमिता से होकर भी गुजरता है। सरकार की भूमिका उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण और अवसर उपलब्ध कराना है, जबकि वास्तविक विकास उद्यमियों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं के सामूहिक प्रयासों से होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज बीमारू राज्य की छवि से निकलकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क और आधुनिक आधारभूत संरचना ने निवेश और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हैं, जिनसे चार करोड़ से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। प्रदेश के निर्यात में इन इकाइयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जब कोई युवा उद्योग स्थापित करता है तो वह केवल स्वयं ही नहीं, बल्कि अनेक लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार करता है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और वोकल फॉर लोकल जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में एमएसएमई की निर्णायक भूमिका होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करता है, जिससे किसानों की आय बढ़ती है, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलती है। उन्होंने इस आयोजन को कृषि और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बताया। एक्सपो में उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों की 150 से अधिक स्टॉलों पर खाद्य तेल, आटा एवं अनाज, मसाले, ड्राई फ्रूट्स, पेठा, आइसक्रीम, बबल टी, बेकरी उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग मशीनरी, कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग उद्योग, आधुनिक किचन उपकरण, फूड टेक्नोलॉजी और निर्यात सेवाओं का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में उद्यमियों और आगंतुकों ने रुचि दिखाई।











