आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में कर्मचारी संघ चुनाव को आज नामांकन प्रक्रिया खत्म हो गई है। पांच पदों पर 17 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इस बार चुनाव काफी रोचक देखने को मिल रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि अध्यक्ष पद पर कड़ी टक्कर होने की बात कही जा रही है। पूरे विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद को लेकर सबसे ज्यादा निगाहें टिकी हुई हैं।
विश्वविद्यालय में लंबे समय से कर्मचारी संघ चुनाव की मांग हो रही थी। कर्मचारी नेता अनिल श्रीवास्तव और सुमित चौधरी के द्वारा चुनाव के लिए धरना भी दिया गया। बड़ी मुश्किल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव की तिथि का ऐलान किया। 15 जुलाई को मतदान होगा। बड़ी बात यह है कि इस बार संविदा कर्मचारी भी वोट डाल सकेंगे। चुनाव के लिए आज नामांकन प्रक्रिया खत्म हो गई है। पांच महत्वपूर्ण पदों पर होने वाले चुनाव के लिए अध्यक्ष पद पर अनिल श्रीवास्तव और अखिलेश चौधरी ने नामांकन दाखिल किया है। इसके साथ ही उपाध्यक्ष पद पर आशु सिंह, कुलदीप यादव ने महामंत्री पद पर सुमित चौधरी, संजय सिंह चौहान, सुनील श्रीवास्तव, निखिल शर्मा ने संयुक्त सचिव पद पर सतीश कुमार मौर्य, राहुल चाहर, प्रभा शंकर गौड़, राहुल पचौरी ने और कोषाध्यक्ष पद पर निशांत पचौरी, पवन कुशवाहा, इशांत शर्मा, अशोक कुमार, कालीचरण यादव के द्वारा नामांकन दाखिल किया गया है। सबसे ज्यादा रोचक मुकाबला अध्यक्ष पद पर देखने को मिलने की संभावना है। अखिलेश चौधरी कई बार अध्यक्ष रह चुके हैं लेकिन इस बार अनिल श्रीवास्तव के समर्थन में भी बड़ा हुजूम दिखाई दे रहा है। आज उनके नामांकन में भी कर्मचारियों की भारी भीड़ रही है। कई बार महामंत्री रह चुके अरविंद गुप्ता ने इस बार नामांकन दाखिल नहीं किया है। इसके साथ ही उन्होंने अध्यक्ष पद पर खुलकर अनिल श्रीवास्तव का समर्थन कर दिया है। अध्यक्ष पद पर सरगर्मी और ज्यादा इसलिए भी बढ़ गई है कि एससी-एसटी एसोसिएशन के महामंत्री आनंद टाइटलर के द्वारा भी अपनी टीम के साथ पूरा समर्थन अनिल श्रीवास्तव को दे दिया है। हर चुनाव में उनकी टीम जिसे समर्थन करती है उसी की नैया पार होती दिखाई देती है। इसके बाद अध्यक्ष पद पर अखिलेश चौधरी और अनिल श्रीवास्तव के बीच में चुनाव रोचक होता दिखाई दे रहा है। अखिलेश चौधरी की बात करें तो उनकी भी कर्मचारियों में अच्छी पकड़ मानी जाती है। कई बार चुनाव पलट चुके हैं। महामंत्री पद पर सुमित चौधरी और संजय चौहान के बीच में कड़ी टक्कर बताई जा रही है। हालांकि निखिल शर्मा और सुनील श्रीवास्तव की भी कर्मचारियों में पकड़ है। निखिल शर्मा युवा उम्मीदवार हैं। वहीं संजय चौहान के पास पुराने चुनाव का अनुभव है। इसके साथ ही सुमित चौधरी को सभी संविदा कर्मचारी और स्थाई कर्मचारियों का भी समर्थन मिल रहा है। चुनाव कराने के लिए भी उन्होंने मुंडन कराकर धरना दिया था। उपाध्यक्ष पद पर आशु सिंह और कुलदीप यादव दोनों ही कर्मचारियों के बीच में अपनी पकड़ रखते हैं। आशु सिंह पूर्व में चुनाव जीत चुके हैं उनके पास जीत का अनुभव है, लेकिन कुलदीप यादव भी दांव पेंच में माहिर माने जाते हैं। इसके बाद इस पद पर भी चुनाव रोचक बना हुआ है। कोषाध्यक्ष पद पर भी मजबूत उम्मीदवार खड़े हुए हैं। सभी के बीच में टक्कर बताई जा रही है। इधर नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद आज शाम से प्रत्याशियों की तरफ से कर्मचारियों को पार्टी के लिए निमंत्रण देना शुरू कर दिया गया है। कर्मचारियों का भी आपस में कहना है कि चुनाव होने तक उन्हें खूब मौज करने को मिलेगी। इधर कुछ कर्मचारी ऐसे भी रहते हैं जो दोनों ही तरफ पार्टी करते हैं। वे किसे वोट देंगे आज तक कोई नहीं जान पाया। चुनाव अधिकारी प्रोफेसर बृजेश रावत ने बताया कि 29 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापसी भी इसी दिन ले सकते हैं। इसके साथ ही 30 जून को चुनाव चिन्ह का आवंटन होगा











