आगरा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से गुजर रही चंबल नदी में रविवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब मध्य प्रदेश के भिंड स्थित नगरा घाट से बाह के कैंजरा घाट की ओर आ रहा स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया। स्टीमर पर करीब 50 से 70 यात्री और 10-12 मोटरसाइकिलें सवार थीं। तेज बहाव के बीच स्टीमर के रुकते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए चीख-पुकार की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि स्टीमर का डीजल खत्म हो गया था, जबकि उसके इंजन में कपड़ा फंसने की बात भी सामने आ रही है। इंजन बंद होने के बाद चंबल नदी का तेज बहाव स्टीमर को अपने साथ बहाने लगा। चालक ने काफी प्रयास किया, लेकिन स्टीमर करीब 8 से 10 किलोमीटर तक नदी की धारा में बहता चला गया। स्टीमर के अचानक नियंत्रण से बाहर होकर बहने से उस पर सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्री घबराकर एक-दूसरे को संभालते नजर आए। स्टीमर पर बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलें भी लदी थीं, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई। बताया गया है कि स्टीमर बहते हुए मध्य प्रदेश क्षेत्र में गुढ़ा गांव के पास एक टीले से टकरा गया, जिसके बाद उसकी रफ्तार थमी और वह रुक गया। चालक की सूझबूझ और मौके पर किए गए प्रयासों से स्थिति को संभाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों और पुलिस को मामले की सूचना दी गई। बासौनी पुलिस भी सतर्क हो गई। पुलिस के अनुसार स्टीमर मध्य प्रदेश की ओर से चलकर उत्तर प्रदेश के बाह क्षेत्र स्थित कैंजरा घाट की ओर आ रहा था। स्टीमर को सुरक्षित स्थान पर रोकने के बाद यात्रियों को किनारे उतार लिया गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने चंबल नदी में संचालित स्टीमर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











