आगरा। आगरा की बदहाल नागरिक व्यवस्था और जनता से जुड़ी समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी महानगर द्वारा दिए गए 15 सूत्रीय ज्ञापन पर कार्रवाई का हिसाब लेने के लिए बुधवार को नगर निगम में ‘पूछता है आगरा’ कार्यक्रम के तहत महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने नगर आयुक्त से आमने-सामने वार्ता की। सड़कों की बदहाली, जलभराव, खुले नाले, सीवर ओवरफ्लो, बंद स्ट्रीट लाइट, सफाई, पेयजल समेत विभिन्न समस्याओं पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बातचीत हुई। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देते हुए 15 दिन के भीतर आवश्यक कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया।
सपा महानगर अध्य़क्ष शब्बीर अब्बास ने नगर आयुक्त के सामने आगरा की नागरिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सवाल किया कि लगातार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने बदहाल सड़कों और गड्ढों, जलभराव, खुले नालों, सीवर ओवरफ्लो, बंद स्ट्रीट लाइटों, सफाई व्यवस्था और पेयजल संकट सहित जनता से सीधे जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा। वार्ता के दौरान नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए और 15 दिन में आवश्यक कार्य पूरा कराने की बात कही। इस पर शब्बीर अब्बास ने कहा कि अब जनता को आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त ने 15 दिन में काम पूरा कराने की बात कही है, इसलिए 15 दिन बाद समाजवादी पार्टी स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में जाकर काम की जमीनी स्थिति देखेगी। उन्होंने कहा कि यदि काम होता है तो उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन समस्याएं जस की तस मिलीं तो नगर निगम से दोबारा जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘पूछता है आगरा’ अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा, बल्कि 15 दिन बाद इन मुद्दों की फिर समीक्षा की जाएगी। समाजवादी पार्टी की ओर से रखी गई 15 प्रमुख मांगों में बरसात, जलभराव और बदहाल नागरिक व्यवस्था को देखते हुए आगरा को आपदा घोषित कर विशेष राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने, स्मार्ट सिटी के 1100 करोड़ रुपये के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कर परियोजनाओं और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक कराने की मांग शामिल है। पार्टी ने नगर निगम सदन की नियमित बैठकें कराने और खुले नालों में हुई मौतों की जवाबदेही तय कर मृतक परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी। इसके अलावा शहर की बंद और खराब स्ट्रीट लाइटें तत्काल चालू कराने, सभी नालों और सीवरों की युद्धस्तर पर सफाई कराने, सड़क निर्माण से पहले वैज्ञानिक जल निकासी की व्यवस्था अनिवार्य करने तथा टूटी सड़कों और गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की गई। सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान, पेयजल संकट और दूषित पानी की समस्या दूर करना तथा नगर निगम के प्राथमिक विद्यालयों की बदहाल स्थिति सुधारना भी मांगों में शामिल है।











