आगरा। तकनीक, कारोबार और नए व्यावसायिक रिश्तों के संगम के रूप में पहचान बना चुके 18वें ‘मीट एट आगरा’ का दूसरा दिन फुटवियर उद्योग के लिए नई संभावनाओं और कारोबारी संवाद से भरपूर रहा। आगरा ट्रेड सेंटर, सींगना में आयोजित तीन दिवसीय फेयर में रविवार को 8,126 विजिटर्स पहुंचे। इनमें 3,749 पंजीकृत बिजनेस विजिटर्स और 576 भावी उद्यमी शामिल रहे। सुबह से शाम तक फेयर में कारोबारी गतिविधियां तेज रहीं और विभिन्न स्टॉल्स पर आधुनिक मशीनरी, फुटवियर कंपोनेंट्स, मटेरियल्स और नई तकनीकों को लेकर उद्यमियों ने गहरी रुचि दिखाई।
फेयर के दूसरे दिन सबसे खास बात यह रही कि यहां केवल उत्पादों और मशीनरी का प्रदर्शन ही नहीं हुआ, बल्कि निर्माताओं, बाइंग एजेंट्स, सप्लायर्स और बाजार से जुड़े लोगों के बीच सीधे संवाद ने इसे वास्तविक कारोबारी मंच का रूप दिया। दूसरे दिन आयोजित बाइंग एजेंट्स और फैक्ट्री ओनर्स संवाद कार्यक्रम में फुटवियर उद्योग की बदलती जरूरतों पर विस्तार से चर्चा हुई। उत्पाद की गुणवत्ता, डिजाइन, सोर्सिंग, समयबद्ध आपूर्ति, बाजार की मांग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। बाइंग एजेंट्स ने बाजार की वास्तविक जरूरतों और खरीदारों की अपेक्षाओं को निर्माताओं के सामने रखा, वहीं फैक्ट्री ओनर्स ने उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता सुधार और तकनीकी बदलावों को लेकर अपनी बात रखी। सीधे संवाद से दोनों पक्षों को एक-दूसरे की जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में आगरा के पूर्व जीएसटी कमिश्नर ललन कुमार मुख्य अतिथि तथा सीफी के नेशनल प्रेसिडेंट इन्दर छाबड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। ललन कुमार ने कहा कि तकनीक, गुणवत्ता और पारदर्शी कारोबारी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने वाला फुटवियर उद्योग देश के औद्योगिक विकास और निर्यात में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। इन्दर छाबड़ा ने कहा कि निर्माताओं, बाइंग एजेंट्स और बाजार के बीच मजबूत समन्वय भारतीय फुटवियर उद्योग को घरेलू और वैश्विक बाजार में नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा। कार्यक्रम के दौरान उद्योग और बाजार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करने वाले बाइंग एजेंट्स को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में एल.के. चाहर, रवीश पीपल, वरुण कोचर, संजीव तिवारी, दिव्यांशु मित्तल, दलजीत सिंह, सचित कुमार, मुकेश गोस्वामी, पवन शर्मा, सौरव गौतम, वेद प्रकाश यादव, पंकज यादव, अविरल उपाध्याय, रिकी अग्रवाल, राजीव जैन, विकास कुमार, राजेश राणा, इरफान फरीदी, चंद्रवीर सिंह चौहान, पंकज सिंह और अनीत पचौरी शामिल रहे। एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि ‘मीट एट आगरा’ का उद्देश्य केवल नई तकनीक का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि उसे उद्योग की वास्तविक जरूरतों और कारोबार से जोड़ना है। बाइंग एजेंट्स और फैक्ट्री ओनर्स के बीच सीधा संवाद इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एफमेक कन्वीनर पूरन डावर ने कहा कि भारतीय फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए तकनीक, गुणवत्ता, डिजाइन और बाजार की जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। निर्माता, सप्लायर, खरीददार और तकनीक प्रदाता का एक मंच पर आना उद्योग के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।











