जिनेवा. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से आज रूस को निलंबित कर दिया गया. रूस के निलंबन का प्रस्ताव लिथुआनिया ने रखा था, जिसे व्यापक समर्थन मिला. इस प्रस्ताव के पक्ष में 93 वोट पडे, जबकि विपक्ष में 24 राष्ट्रों ने मतदान किया. भारत गुट निरपेक्षता की अपनी नीति पर अडिग रहते हुए मतदान से दूर रहा. हालांकि अमेरिका की ओर से भारत पर लगातार दबाव डाला जा रहा था लेकिन भारत ने गुट निरपेक्षता की अपनी नीति का त्याग नहीं किया.
दुसरी ओर रूस का दबाव भी भारत पर था और उसने साफ कहा था कि जो देश मतदान से अलग रहेंगे, उन्हे भी रूस अपना विरोधी मानेगा. लेकिन भारत ने घुटने नहीं टेके और अपने संकल्प पर कायम रहा. गौरतलब है कि यूक्रेन के बूचा में कथित रूप से रूसी सैनिकों के नरसंहार की जो खबरें आई थीं, उसकी भारत के विदेश मंत्री ने संसद में कड़ी निंदा की थी लेकिन साथ ही इस घटना की निष्पक्ष जांच की बात भी कही थी. गौरतलब है कि रूस इस घटना से लगातार इनकार कर रहा है











