-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में विद्यार्थी परिषद के द्वारा जमकर हंगामा किया जा रहा है। अधिकारियों और विभागों की बिजली काट दी गई है। इसके साथ ही उन्हें ऑफिस से बाहर निकालकर उनके ऑफिस बंद कराए जा रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि छात्र धूप में मर रहे हैं और अधिकारी और कर्मचारी एसी में मजे ले रहे हैं।
बता दें कि बीएससी नर्सिंग 2019 बैच की थर्ड ईयर की अभी तक विश्वविद्यालय ने परीक्षाएं नहीं कराई है। लंबे समय से कुलपति, परीक्षा नियंत्रक छात्रों को परीक्षाओं को कराने का झूठा आश्वासन देकर टहला रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वर्ष 2023 में उनके चारों साल पूरे हो जाने चाहिए थे, लेकिन विश्ववद्यालय की लापरवाही से अभी तक उनकी तीसरी साल की ही परीक्षा नहीं हुई है। ऐसे में चार साल की बीएससी नर्सिंग यहां पर 6 से 7 साल में होती हुई दिखाई दे रही है अगर उन्हें ऐसा पता होता कि इस विश्वविद्यालय में ऐसा माहौल है तो वह यहां प्रवेश लेकर अपना भविष्य खराब नहीं करते। छात्रों को परेशान देखकर विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री आशीष चंदेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी विश्वविद्यालय में पहुंच गए हैं।

सबसे पहले उन्होंने सहायक कुलसचिव ऑफिस के बाहर हंगामा किया। इस दौरान कर्मचारियों से उनकी हाथापाई भी हुई। पदाधिकारियों का कहना है कि यह विश्वविद्यालय सिर्फ और सिर्फ छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रहा है, एसी में बैठकर अधिकारी चाय और बिस्किट का मजा ले रहे हैं। बाहर छात्र धूप में खड़े होकर पसीना पसीना हो रहे हैं। यहां किसी भी छात्र की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। संगठन मंत्री आशीष चंदेल का कहना है कि परीक्षा नियंत्रक 12:00 बजे अपने ऑफिस में आकर बैठते हैं। इसके एक घंटे बाद वह लंच करने के लिए चले जाते हैं। फिर उनके वापस आने का कोई समय नहीं है। दिनभर छात्र ऑफिस के बाहर खड़े रहते हैं। एमडब्ल्यू सही नहीं होने से कई छात्रों की साल खराब हो गई है, लेकिन उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। कुलपति भी समय से ना तो परीक्षाएं करा पा रही हैं न ही विश्वविद्यालय का माहौल सुधार पा रही हैं। विश्वविद्यालय के हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं और कुलपति पर कोई असर ही नहीं है। इधर विद्यार्थी परिषद को हंगामा करता देख विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी जोकि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के साथ चीफ प्रॉक्टर भी हैं, उन्हें बुलाया है। चीफ प्रॉक्टर से कहा गया है कि वे उनकी बात मान लेंगे इसलिए वे छात्रों को समझा दें। चीफ प्रॉक्टर छात्रों को आश्वासन देने में लगे हुए हैं। खबर लिखे जाने तक हंगामा जारी था।
महीनों से छात्रों के वेरिफिकेशन लटके पड़े
कई छात्रों के वेरिफिकेशन महीनों से विश्वविद्यालय में लटके हुए पड़े हैं, लेकिन बाबुओं के द्वारा यह सत्यापन कर नहीं भेजे जा रहे हैं। हर रोज कई छात्र दूरदराज से आकर परीक्षा नियंत्रक से इस बात की शिकायत भी कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विशेष सूत्रों की मानें तो चार्ट रूम को डेली बेसिस का एक कर्मचारी चला रहा है। यह कर्मचारी जिसका वेरिफिकेशन चाहता है उसी का वेरिफिकेशन विश्वविद्यालय से हो सकता है। अधिकारियों ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आने के बाद भी उसे नहीं हटाया है।
बीडीएस के छात्र कुलपति से मिले नहीं हुआ रिजल्ट सही
कुछ दिनों पहले मथुरा से केडी डेंटल कॉलेज के कुछ छात्र कुलपति से मिलने के लिए आए थे, उन्होंने कुलपति से शिकायत की थी कि उन्होंने परीक्षा नियंत्रक से डेढ़ महीने पहले रिजल्ट में एमडब्ल्यू आने को लेकर शिकायत की थी लेकिन अभी तक परीक्षा नियंत्रक ने कोई भी सुनवाई नहीं की है।वह अब तक 20 चक्कर उनके कार्यालय के लगा चुके हैं। कुलपति ने दो दिन में एमडब्ल्यू सही कराने का आश्वासन दिया था, 4 से 5 दिन बीतने के बाद भी यह सही नहीं हुए हैं।











