आगरा। मंगलवार को यमुना किनारा स्थित स्ट्रेची ब्रिज के नीचे बरसात के बाद जलभराव की वजह से यातायात बाधित रहा था। इस पर गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जलभराव के वीडियो को ट्विटर पर शेयर कर यूपी की भाजपा सरकार को घेरा था। मामला सुर्खियों में आने के बाद उच्च अधिकारियों के आदेश पर आगरा के नगर आयुक्त द्वारा नगर निगम के चार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
मंगलवार को आगरा में कई घंटे मूसलाधार बारिश हुई थी। जमुना किनारा रोड स्थित स्ट्रैची ब्रिज के नीचे जल भराव हो गया था। 6 घंटे तक यातायात सुचारू नहीं हो पाया था। अखिलेश यादव ने स्ट्रैची ब्रिज के नीचे हुए जलभराव और उसमें फंसी बस के वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया और आगरा प्रशासन व भाजपा सरकार को घेरा। इसके बाद यह मामला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने नगर निगम के जोनल अधिकारी विजय कुमार सिंह और सहायक अभियंता चंद्रशेखर अग्रवाल को चेतावनी जारी की है। अभियंता अमित सोनार और सेनेटरी इंस्पेक्टर राजवीर सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है। वहीं गुरुवार को नगर आयोग ने चार अधिकारियों पर कार्रवाई का पत्र भी जारी किया है।











