लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में अखिलेश यादव दिखेंगे। अखिलेश यादव इस बार के विधानसभा चुनाव में मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सांसद और केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल को चुनावी मैदान में मात देकर विधानसभा तक का सफर तय किया। समाजवादी पार्टी विधायक दल की बैठक में अखिलेश यादव को नेता चुन लिया गया है। हालांकि सपा विधायक दल की बैठक में शिवपाल सिंह यादव को नहीं बुलाया गया था। शिवपाल सिंह ने मीडिया से कहा कि वह न्योते का इंतजार कर रहे थे लेकिन उन्हें कोई निमंत्रण नहीं मिला और विधायक दल की बैठक हो गई। मीडिया से बातचीत में वह खासे नाराज दिखे। पहले यह भी बताया जा रहा था कि शिवराज ही विपक्ष के नेता होंगे लेकिन अखिलेश यादव ने सांसदी छोड़ कर संकेत दे दिया था कि वही विपक्ष के नेता बनेंगे।
यूपी विधानसभा में समाजवादी पार्टी को इस बार 111 विधानसभा सीटों पर जीत मिली है। विधानसभा में सपा दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसे में सपा विधायक दल की बैठक पर हर किसी की निगाहें जमी हुई थी। सपा विधायक दल की बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव को नेता चुने जाने की जानकारी दी गई। इसके बाद दावा किया गया कि यूपी विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। मतदान परिणाम को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। सत्ता बल का दुरुपयोग किया गया। चुनाव में जीतने वाले हार गए और हारने वाले जीत गए। सपा की ओर से अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। कहा गया कि सत्ता के प्रभाव में आकर अधिकारियों ने हारे हुए प्रत्याशियों को जिताने का कार्य किया। मतगणना को प्रभावित किया गया।











