आगरा। विगत 5-6 वर्षों से आगरा के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कब्जा मुक्त तालाबों का जीर्णोद्धार करवाने के लिए प्रयासरत पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने इस बार भी ग्रीष्मकाल के दस्तक देते ही पुनः इस मुद्दे को जनहित में उठाया है।
उन्होंने आगरा के जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को पत्र देकर गुहार लगाई है कि बाह तहसील के 813, फतेहाबाद के 647, सदर के 197, खेरागढ़ के 677 तथा एत्मादपुर के 491, फतेहपुर सीकरी सहित आगरा जनपद की छह तहसीलों के 2825 तालाब अवैध कब्जों से मुक्त हैं। 13 व 14वें वित्त आयोग और मनरेगा धनराशि पहले ही मिल चुकी होगी। अब 15 वें वित्त आयोग तथा मनरेगा के तहत स्वीकृत धनराशि से इन तालाबों के जीर्णोद्धार एवं खुदाई का कार्य वर्षा शुरू होने से पहले ही करवाया जाए ताकि वर्षा ऋतु में बरसात का पानी निरंतर संचित होता रहे। उन्होंने अनुरोध किया है कि आरईएस के जूनियर इंजीनियर के साथ मिलकर इन तालाबों की गहरी खुदाई करवाई जाए और ऐसा ढलान बनाया जाए कि आसपास का पानी स्वत: बहकर इन तालाबों में जा सके। राजा अरिदमन सिंह ने कहा है कि पानी की विकराल समस्या से लोग जूझ रहे हैं लेकिन तालाबों के जीर्णोद्धार से पानी की विकराल समस्या दूर होगी और जल संचय भी भरपूर होगा।
जलवायु के अनुरूप स्थानीय प्रजाति के लगाएं वृक्ष
राजा अरिदमन सिंह ने तालाबों की खुदाई के साथ ही उनके समीप आम, गूलर, पीपल, जामुन, ढाक, पलाश और महुआ जैसे स्थानीय प्रजाति एवं जलवायु के अनुरूप वृक्ष लगाए जाने की भी आवश्यकता जताते हुए कहा है कि इनसे हरियाली बढ़ेगी। छाया मिलेगी। प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण भी बेहतर होगा। इन पेड़ों पर पक्षी बसेरा कर सकेंगे। पीपल और गूलर के फलों से कीड़े-मकोड़े भी जीवित रहेंगे जो पर्यावरण संतुलन के लिए उपयोगी होंगे। ऐसे वृक्षों को ज्यादा देखरेख की भी आवश्यकता नहीं पड़ती।











