नई दिल्ली। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। यह सरकारी बैंक अपनी 13 फीसदी शाखाएं यानी करीब 600 ब्रांच को बंद करने जा रहा है। बैंक का कहना है कि अपनी वित्तीय हालत को दुरुस्त करने के लिए उसे ऐसा करना पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि पिछले कई साल से बैंक की माली हालत ठीक नहीं है और उसे पटरी पर लाने के लिए शाखाओं को बंद करने पर विचार किया जा रहा है। बैंक को जून 2017 में आरबीआई ने पीसीए फ्रेमवर्क में रखा गया था।
एक एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक बैंक की मार्च 2023 के अंत तक नुकसान में चल रही 600 शाखाओं को बंद करने या मर्ज करने की योजना है। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि बैंक की स्थिति सुधारने के लिए इसके अलावा कोई चारा नहीं रह गया है। बैंक की शाखाओं को बंद करने के बाद रियल एस्टेट जैसे नॉन-कोर एसेट्स की बिक्री की जाएगी। इस बैंक की देशभर में 4,594 शाखाएं हैं।
सेंट्रल बैंक समेत कई दूसरे बैंकों को 2017 में आरबीआई की पीसीए व्यवस्था में रखा गया था। इन बैंकों की वित्तीय स्थिति आरबीआई के शर्तों के दायरे से बाहर निकल गई थी। इन्हें दुरुस्त करने के लिए इन बैंकों पर कई तरह की बंदिशें लगाई गई थीं। सेंट्रल बैंक को छोड़कर बाकी सभी बैंकों के कामकाज में सुधार आया है और वे पीसीए की लिस्ट से निकल गए हैं।











