आगरा। महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह को सदर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के द्वारा नारी सशक्तिकरण योजना के तहत सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण, सरकारी प्रमाण पत्र, रोजगार और आजीवन मानदेय दिलाने का झांसा देकर यह ठगी की गई है।
एसीपी सदर रामप्रवेश गुप्ता ने बताया गिरोह ने आगरा समेत कई जिलों की करीब 33 हजार से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। महिलाओं से आवेदन शुल्क और रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे वसूले। आरोपियों ने इस फर्जी योजना के जरिए करीब 2.72 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथियों ने “सार्थक सोशल वेलफेयर सोसायटी” नाम से एक फर्जी संस्था बनाकर महिलाओं को नारी सशक्तिकरण योजना के तहत सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण, सरकारी प्रमाण पत्र, रोजगार और आजीवन मानदेय दिलाने का झांसा दिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गांव-गांव और कस्बों में प्रचार कर महिलाओं को भरोसे में लेते थे। संस्था के नाम पर फॉर्म भरवाए जाते थे और प्रशिक्षण तथा सरकारी लाभ जल्द मिलने का दावा किया जाता था। कई महिलाओं को नकली दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी दिए गए। मामले की शिकायत मिलने के बाद सदर पुलिस और सर्विलांस सेल लगातार गिरोह की तलाश में जुटी थी। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरुण अग्निहोत्री उर्फ पंकज को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह का एक अन्य वांछित आरोपी आकाश सक्सेना अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।











