• About
  • Contcat Us
  • Home
  • News
    • Business
    • Economy
    • Good Work
    • Politics
    • Cultural
  • Tech
  • Sports
  • Western
  • Education
  • Health
  • World
कुलपति के जवाब दाखिल नहीं करने पर सीजेएम ने मुख्य सचिव से मांगा जवाब

कुलपति के जवाब दाखिल नहीं करने पर सीजेएम ने मुख्य सचिव से मांगा जवाब

अधिवक्ता डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने दाखिल की है मानहानि को लेकर याचिका

August 5, 2025
in administration, Agra, Corruption, Court, Education

आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति, कुलसचिव सहित कार्य परिषद के सभी सदस्यों और कई प्रोफेसर के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल हुआ है। इसमें सुनवाई चल रही है। शुक्रवार को केस की सुनवाई थी। कोर्ट में सभी विपक्षियों को अपना जवाब दाखिल करना था। लेकिन किसी ने भी जवाब दाखिल नहीं किया। जवाब दाखिल नहीं करने की बात को कोर्ट ने घोर आपत्तिजनक बताया है और आठ सितंबर को उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी से आख्या मांगी है। इससे पूर्व भी कुलपति सहित कार्य परिषद के सभी सदस्यों और अधिकारियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाने, फाइलों को गायब करने आदि के मामले में भी दर्ज हुए परिवाद में सुनवाई की तिथि पर जवाब दाखिल नहीं करने पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल को तलब किया जा चुका है।

अधिवक्ता डॉक्टर अरुण कुमार दीक्षित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मानहानि को लेकर एक याचिका डाली है। याचिका में उन्होंने कहा है कि कुलपति प्रोफेसर आशु रानी, कुलसचिव अजय मिश्रा और परीक्षा नियंत्रक ओमप्रकाश के द्वारा कूटरचित दस्तावेज बनाकर, झूठे तथ्य प्रस्तुत कर, षड्यंत्र के तहत पत्रकार वार्ता कर सार्वजनिक बयान देकर उनकी प्रतिष्ठा को समाज में धूमिल किया गया है। इससे उनकी सार्वजनिक मानहानि हुई और प्रतिष्ठा को आघात पहुंचा। उन्होंने कहा है कि वह लंबे समय से वकालत के व्यवसाय से जुड़े हैं। कई पुरस्कारों से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। मानवाधिकार क्षेत्र में उनका अहम योगदान है। उनके द्वारा मानवाधिकार पर लिखी गई किताब ‘अंबेडकर और मानव अधिकार’ की भारतवर्ष में काफी सराहना हुई है। उनके कई लेख भी प्रकाशित हो चुके हैं। वह कई केंद्रीय और स्टेट गवर्नमेंट के पैनल में अधिवक्ता हैं। विश्वविद्यालय के पक्ष में भी उन्होंने वादों में शत प्रतिशत निर्णय कराए हैं और अरबो रुपए का लाभ पहुंचाया है। उनके बिलों के लिए उनसे 30% कमीशन मांगे जाने पर उन्होंने राजभवन और प्रधानमंत्री से शिकायत कर दी थी। इसके बाद उनके कार्यों पर रोक लगा दी गई। कूटरचित दस्तावेज बनाकर झूठे तथ्य प्रस्तुत करके कुलपति प्रो. आशु रानी, कुलसचिव अजय मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर ओम प्रकाश व अन्य लोगों ने उनकी छवि को धूमिल किया है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि 13 जून को कुलपति ने पत्रकार वार्ता में सार्वजनिक रूप से उनके लिए अपमानजनक एवं मानहानिकारक बयान दिए। प्रतिवादियों ने गुमराह करते हुए समाचार पत्रों में यह प्रकाशित कराया कि कार्य परिषद की बैठक में अधिवक्ता डॉ. अरुण दीक्षित की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त जज विष्णु गुप्ता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। 13 जून को पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रोफेसर आशुरानी ने कहा कि हाई कोर्ट के सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में जांच की गई। जांच रिपोर्ट में पाया गया की शिकायत पूरी तरह भ्रामक और विवि की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। अधिवक्ता डॉक्टर दीक्षित ने अपनी याचिका में कहा है की सबसे बड़ी बात तो यह है कि तीन दिन के अंदर हाई कोर्ट के सेवानिवृत जज व तीन अन्य सदस्यों की जांच कमेटी भी बन गई और जांच रिपोर्ट भी आ गई। इसके अलावा प्रतिवादी गणों द्वारा पत्रकार वार्ता कर उनके खिलाफ सार्वजनिक बयान भी दे दिया गया। यह सब एक षड्यंत्र के तहत हुआ है। इससे उनकी सार्वजनिक मानहानि हुई है और समाज में स्थापित ख्याति को नीचे गिराया गया है। उन्होंने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि व्हाट्सएप ग्रुपों पर जैसे रियल मीडियामेन और डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय कर्मचारी आदि ग्रुप पर उन्हें लेकर अपमानजनक टिप्पणी की गईं। जिससे उन्हें सार्वजनिक मानहानि हुई और उनकी प्रतिष्ठा को भी आघात पहुंचा। इससे उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ी है। अधिवक्ता डॉक्टर दीक्षित के द्वारा अपनी याचिका में कुलपति प्रोफेसर आशु रानी, परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर ओमप्रकाश, कुलसचिव अजय मिश्रा, प्रोफेसर राजीव वर्मा, उप कुलसचिव पवन कुमार, आईईटी के निदेशक प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह, गणित विभाग के प्रोफेसर संजय चौधरी, 6 जून को हुई कार्य परिषद की बैठक में शामिल सभी सदस्यों, वरिष्ठ सहायक राधिका प्रसाद को अभियुक्त बनाया गया है।

मामले में शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां सुनवाई थी। कुलपति सहित किसी भी विपक्षी ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस बात को घोर आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को आठ सितंबर को नोटिस जारी कर आख्या मांगी है।

Previous Post

धर्मांतरण पर मुख्यमंत्री का पुलिस कमिश्नर को तह तक जाने का निर्देश

Next Post

आगरा से विमान से उत्तराखंड में भेजी गई राहत सामग्री

Related Posts

शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों का समाधान विधानसभा चुनाव से पहले करने की मांग रखी

शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों का समाधान विधानसभा चुनाव से पहले करने की मांग रखी

November 5, 2026

आगरा। उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर योगी सरकार पर दबाव बढ़ाना...

कमला नगर में कारोबारी के घर में 70 लाख की चोरी का पुलिस ने किया खुलासा

कमला नगर में कारोबारी के घर में 70 लाख की चोरी का पुलिस ने किया खुलासा

November 5, 2026

आगरा। कमला नगर कारोबारी के घर में 70 लाख के जेवरात चोरी के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया...

बहू के इलाज को लिए कर्ज को चुकाने के लिए की चोरी

बहू के इलाज को लिए कर्ज को चुकाने के लिए की चोरी

November 4, 2026

आगरा। सदर बाजार स्थित सुल्तानपुरा सर्राफा बाजार से 31 अक्टूबर को 15 लाख रुपये के सोने के आभूषण चोरी करने...

नजूल विभाग की बिना एनओसी के प्राधिकरण कैसे कर रहा नक्शा पास?

नजूल विभाग की बिना एनओसी के प्राधिकरण कैसे कर रहा नक्शा पास?

November 4, 2026

आगरा। सरकारी जमीनों पर कब्जे और नक्शा पास के मामले इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए हैं। आगरा विकास प्राधिकरण...

ताजमहल के पास पेड़ काटने का वीडियो वायरल, वन विभाग की कार्य शैली पर सवाल

ताजमहल के पास पेड़ काटने का वीडियो वायरल, वन विभाग की कार्य शैली पर सवाल

November 3, 2026

आगरा। ताज ट्रेपेजियम जोन में हरे पेड़ों की कटाई रुकने का काम नहीं ले रही है। ताजमहल के पास ही...

सेवानिवृत्त आईएएस की  हत्या में फरार आरोपी आगरा में पकड़ा गया

सेवानिवृत्त आईएएस की हत्या में फरार आरोपी आगरा में पकड़ा गया

November 3, 2026

आगरा। भोपाल में एक महीने पहले सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की हत्या हुई थी। हत्यारा लगातार पुलिस को चकमा दे रहा...

Next Post
आगरा से विमान से उत्तराखंड में भेजी गई राहत सामग्री

आगरा से विमान से उत्तराखंड में भेजी गई राहत सामग्री

POPULAR NEWS

No Content Available

EDITOR'S PICK

देश में कोरोना की सारी पाबंदियां खत्म, अब केवल दो गज दूरी और मास्क है जरूरी

देश में कोरोना की सारी पाबंदियां खत्म, अब केवल दो गज दूरी और मास्क है जरूरी

March 23, 2022
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ठाकुर जी के श्रीविग्रह से लिपट कर रोते हुए बोले- प्रभु 40 वर्ष बाद आपने दर्शन दिए

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ठाकुर जी के श्रीविग्रह से लिपट कर रोते हुए बोले- प्रभु 40 वर्ष बाद आपने दर्शन दिए

April 10, 2023
क्या आगरा में हटेंगे दागी थानाध्यक्ष, अच्छे चेहरों को चार्ज मिलना तय माना जा रहा

क्या आगरा में हटेंगे दागी थानाध्यक्ष, अच्छे चेहरों को चार्ज मिलना तय माना जा रहा

September 26, 2023
पड़ोसन के नहाते हुए खींचे फोटो ब्लैकमेल कर किया दुष्कर्म, गिरफ्तार

पड़ोसन के नहाते हुए खींचे फोटो ब्लैकमेल कर किया दुष्कर्म, गिरफ्तार

June 14, 2023

About

Follow us

Categories

  • accident
  • administration
  • Agra
  • Art
  • Article
  • Business
  • Corruption
  • Court
  • Crime
  • Cultural
  • Development
  • disaster
  • Economy
  • Education
  • Election
  • Election2024
  • Entertainment
  • Environment
  • Fashion
  • Food
  • Good Work
  • Health
  • Lifestyle
  • Monkey menace
  • National
  • News
  • Opinion
  • Police
  • Politics
  • School Diary
  • Science
  • Sports
  • Tech
  • Terrorism
  • Tourism
  • Travel
  • Uncategorized
  • Weather
  • Western
  • World

Recent Posts

  • शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों का समाधान विधानसभा चुनाव से पहले करने की मांग रखी
  • कमला नगर में कारोबारी के घर में 70 लाख की चोरी का पुलिस ने किया खुलासा
  • बहू के इलाज को लिए कर्ज को चुकाने के लिए की चोरी
  • नजूल विभाग की बिना एनओसी के प्राधिकरण कैसे कर रहा नक्शा पास?
  • News
  • Terms & Condition
  • Privacy Policy

© 2022 DLA News - Designed by iTHike.

No Result
View All Result
  • Home
  • News
    • Business
    • Economy
    • Good Work
    • Politics
    • Cultural
    • Crime
  • Tech
  • Sports
  • Western
  • Education
  • Health
  • World

© 2022 DLA News - Designed by iTHike.