आगरा। जम्मू कश्मीर के राजोरी में आतंकी हमले में देश के लिए बलिदान देने वाले आगरा के लाल शुभम गुप्ता का पार्थिव शरीर शुक्रवार को आगरा पहुंचा। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी उन्हें श्रद्धांजलि देने आए। श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। सभी की आंखें नम थीं।
कैप्टन शुभम का पार्थिव शरीर एयरफोर्स स्टेशन से ताजगंज के प्रतीक एन्क्लेव स्थित आवास पर ले जाया गया। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहले से ही थे। बलिदानी का पार्थिव शरीर उनके गांव कुआं खेड़ा ले जाया गया। लोगों के द्वारा भारत माता के जयकारे लगाए गए। वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी श्रद्धांजलि देने शुभम के घर पहुंचे।
छोटे भाई ऋषभ बोले भाई को गाने का बहुत शौक था। भैया वीडियो तैयार करते थे और उन्हें भेज देते थे। हर गाने को वह सुनते थे। घर हो या फिर समारोह भैया से गाने की फरमाइश की जाती थी। वह कभी मना नहीं करते थे। न ही किसी भी बात पर गुस्सा करते थे। ऋषभ कहते हैं कि शुभम भैया जिंदादिल इंसान थे। पिज्जा खाना सबसे अधिक पसंद था। छुट्टी में जब भी घर आते तो मां के हाथ से बना खाना अधिक पसंद करते थे। भैया एक ही बात कहते थे कि बाहर का खाना कभी भी खा सकता हूं, लेकिन मां के हाथ का खाना नसीब वालों को मिलता है।
इधर पैतृक गांव कुआंखेड़ा में स्मारक बनाए जाने को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। गुरुवार को लेखपालों की टीम ने एक बीघा से अधिक भूमि को चिह्नित किया। यह भूमि ग्राम समाज की है। ग्रामीणों के अनुसार कुआंखेड़ा में यह दूसरा बलिदानी स्मारक होगा। वर्ष 2000 में असम राइफल के जवान राधेश्याम यादव मणिपुर में बम विस्फोट में बलिदान हो गए थे। उनका स्मारक गांव में बना हुआ है। अधिकारियों की टीम ने भी भूमि को चिह्नित कर रिपोर्ट भेज दी है। वहीं, प्रतीक एंक्लेव कालोनी की सड़क का नाम शुभम गुप्ता के नाम पर किया जा सकता है या फिर शहर की किसी अन्य सड़क का नाम शुभम के नाम पर किया जाएगा।











