आगरा। धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान की शनिवार को रिमांड अवधि पांच अगस्त तक बढ़ा दी गई है। उससे पुलिस व नेशनल एजेंसियां पाकिस्तान के साथ ही अन्य देशों से कनेक्शन के बारे में पूछताछ करेंगीं।
सदर थाना क्षेत्र की रहने वालीं दो युवतियां 24 मार्च को लापता हुई थीं। उनके पिता ने उसी दिन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि उधमपुर (जम्मू कश्मीर) की साईमा उर्फ खुशबू उनकी बेटियों को धर्मांतरण कराके शादी कराने के लिए बहला फुसला कर ले गई है। आगरा पुलिस ने लापता दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया। इसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। सच सामने आने के बाद पुलिस ने छह राज्यों में ताबड़तोड़ दबिश देकर धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह के सरगना समेत 10 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें गोवा की एक युवती भी थी। ये गिरोह आईएसआईएस आतंकी संगठन के मॉडयूल पर काम कर रहा है। इसके प्रतिबंघित संगठन पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान की एजेन्सियों से जुड़े होने के साक्ष्य भी मिले हैं। इस गिरोह को कनाडा, अमेरिका, पाकिस्तान समेत कई देशों से फंडिंग की जा रही थी। गिरोह का सरगना अब्दुल रहमान है। पूछताछ में पता चला कि अब्दुल रहमान और गिरोह से जुड़े अन्य लोग नेपाल में भी धर्मांतरण की योजना पर काम कर रहे थे।
शनिवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर आरोपित अब्दुल रहमान को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने पूछताछ पूरी न होने का तर्क देते हुए रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि अभी तक हुई पूछताछ में आरोपित के विदेशी कनेक्शन सामने आए हैं। पूछताछ अभी शेष रह गई है। न्यायालय ने रिमांड की अवधि तीन दिन और यानी पांच अगस्त तक बढ़ा दी। अब्दुल रहमान से अब तक हुई पूछताछ और जांच में सामने आया है कि वह पाकिस्तान के छह नंबरों से बातचीत करता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार उससे पाकिस्तान कनेक्शन के साथ ही नेपाल, नगालैंड, भूटान, म्यांमार कनेक्शन के बारे में पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस और नेशनल जांच एजेंसियों के कुछ और सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना बाकी है। गिरोह के जाल में फंसी दोनों बहनों को बरामद करने के बाद उनके बयान दर्ज हो चुके हैं। इसके साथ ही पुलिस चार अन्य युवतियों के बयान दर्ज करा चुकी है। ये युवतियां भी गिरोह का शिकार हुई हैं।











