आगरा। जलकल विभाग से जुड़े मामले में न्यायालय के आदेश पर छत्ता थाने में ठेकेदार रवि लवानिया समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जलकल विभाग, नगर निगम के पंप हाउस अधीक्षक सुमित पचौरी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में सरकारी दस्तावेजों में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के लिए दबाव बनाने और धमकी देने समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
एफआईआर में नामजद आरोपियों में रवि लवानिया, मनीष कुमार उर्फ मंशा, आसिफ, सचिन वशिष्ठ और अतुल शर्मा शामिल हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों की ओर से उस पर सरकारी अभिलेखों में गलत प्रविष्टियां कराने और तैयार कराए गए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। शिकायत के मुताबिक, मई 2026 में कथित तौर पर सरकारी दस्तावेजों में गलत प्रविष्टियां की गईं। इन प्रविष्टियों पर उनसे हस्ताक्षर कराने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने नियमों के विपरीत होने के कारण इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उसे नौकरी से हटाने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी गईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दबाव बनाने के लिए व्हाट्सऐप पर फोटो भेजे गए और धमकी भरे संदेश भी भेजे गए। शिकायत में सरकारी कार्यों और दस्तावेजों से जुड़े मामले में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। पंप हाउस अधीक्षक का आरोप है कि उन्हें भी कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव में लेने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसका विरोध किया तो धमकी देने का आरोप लगाया गया।











