आगरा। वन विभाग की टीम पर हमले वाले मामले में नया मोड़ सामने आया है। जो युवक मछली पकड़ने के लिए गए थे, उन्हें थाने के दरोगा ने ही मछली पकड़ने के लिए भेजा था। इस संबंध में सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल हुआ है। इधर ऑडियो वायरल होने के बाद खलबली मच गई है।
24 फरवरी को गांव डालकापुरा में चंबल में कुछ युवक मछली पकड़ रहे थे। सूचना पर वन दरोगा टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और मछली पकड़ने से मना कर दिया। युवक वहां से चले गए। वन विभाग की टीम जब वापस लौट रही थी तो ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया और लाठी डंडों से बुरी तरह से पीट डाला। अधिकारियों के निर्देश पर हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
इधर बुधवार को मामले में नया मोड़ सामने आया है। तीन ऑडियो वायरल हुए हैं। यह बासोनी थाने के दरोगा और मछली पकड़ने वाले युवक जो वन विभाग की टीम पर हमले का आरोपी है उसके बीच के बताए जा रहे हैं। वायरल ऑडियो में दरोगा युवक से बोल रहा है कहां है तू। युवक बोल रहा है दरोगा जी में मुरैना हूं। पापा की तारीख है, तारीख कर लौट आऊंगा। दरोगा बोल रहा है सीओ साहब कह गए हैं। एक कांटे वाली फांस लों। युवक बोल रहा है रेंज वालों से कांचिल रहता हूं। दरोगा बोल रहा है उनको मैं देख लूंगा। उनकी मेरी जिम्मेदारी है। दरोगा बोल रहा है- दो सीओ साहब हैं। इसके अलावा थाने का स्टाफ भी है। यह थाने पर आकर तुम्हें ही बनानी है। दूसरी ऑडियो में दरोगा पूछ रहा है कहां पर हो। युवक बोल रहा है चंबल पर हैं। दरोगा बोल रहा बेज्जती हो गई। सीओ साहब बोल रहे हैं। अधिकारियों के चक्कर में इज्जत की बात फंस गई है। युवक बोल रहा है मैं वीडियो कॉल कर दिखाता हूं। मैं चंबल पर ही हूं।तीसरी ऑडियो में दरोगा बोल रहा मैंने दरोगा अनिरुद्ध से बोल दिया जाल फेंक दो।
पूर्व में एक इंस्पेक्टर का भी मुर्गे को लेकर ऑडियो हुआ था वायरल
कुछ महीने पहले इंस्पेक्टर पिडोरा और एक जिला पंचायत सदस्य के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था। ऑडियो में इंस्पेक्टर बोल रहे थे कि एसीपी के सुबह शाम देसी मुर्गा खाने और 100 पाईपर पीने का तीन हजार का खर्चा है। ऑडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था।











