आगरा। उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न में “अवसर के अनुसार बदलने वाला” के लिए दिए गए विकल्पों में “पंडित” शब्द शामिल किए जाने पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कड़ा विरोध जताया है।
मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने इस कथित प्रश्न को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “पंडित” शब्द को इस तरह के प्रश्न में विकल्प के रूप में शामिल करने का न तो कोई औचित्य है और न ही कोई भाषाई या वैचारिक तालमेल। उन्होंने इसे सामान्य त्रुटि मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह एक गंभीर और आपत्तिजनक कृत्य है। कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने अपने बयान में कहा कि इस प्रकार का प्रश्न तैयार करना किसी साधारण चूक का परिणाम नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम किसी मानसिक विकृति से पीड़ित पेपर सेटर द्वारा जानबूझकर किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यक्ति हिंदू समाज की समरसता, सामाजिक संतुलन और पारंपरिक सम्मान को चोट पहुंचाने की मंशा रखता है। मंत्री ने कहा कि किसी भी जाति, धर्म, वर्ग, परंपरा या सामाजिक पहचान के प्रति अपमानजनक टिप्पणी, संकेत, शीर्षक या विकल्प देना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार और समाज दोनों को ऐसे मामलों में बेहद संवेदनशील रहना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या परंपरा के प्रति कोई भी ऐसी टिप्पणी, वक्तव्य अथवा टाइटल देना, जो अपमानजनक हो, कतई स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस मामले को केवल एक परीक्षा विवाद तक सीमित न मानते हुए इसे सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक गरिमा से जुड़ा विषय बताया।










