आगरा। तीन महीने तक मंगलसूत्र लूट का मुकदमा दर्ज नहीं करने पर पुलिस कमिश्नर के आदेश पर डीसीपी सिटी ने संजय प्लेस चौकी प्रभारी अजय जायसवाल को निलंबित कर दिया है। शास्त्रीपुरम चौकी पर तैनाती के दौरान उन्होंने पति-पत्नी को चकरघिन्नी बना दिया था। मंगलवार को मुकदमा दर्ज हुआ है। दारोगा की देरी के चलते सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो गए। सवाल उठ रहा है कि पुलिस अब बदमाशों की पहचान कर उन तक कैसे पहुंचेगी।
इटावा में बलरई गांव के मनीष मानवेंद्र सिंह परिवार के साथ आवास विकास कालोनी सेक्टर पांच में रहते हैं। वह प्रधान भी हैं। मनीष ने बताया कि 11 अप्रैल को डेढ़ साल की बेटी की तबीयत खराब हो गई। पत्नी विनीता रात 8:30 बजे देवरानी रश्मि के साथ बेटी प्रमन्वी और बेटे प्रबुद्ध को लेकर कारगिल चौराहे से दवा लेने जा रही थीं। वाहन की तलाश में वे लक्ष्मी पैलेस के सामने पहुंचीं। पीछे से आए बाइक सवार युवकों ने झपट्टा मार कर गले से मंगलसूत्र लूट लिया। बेटी गोद से गिरने से बाल-बाल बची। 112 पर उन्होंने घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकार्ड हो गई थी। अगले दिन मनीष पत्नी को साथ लेकर शास्त्रीपुरम पुलिस चौकी पहुंचे। वहां तत्कालीन चौकी प्रभारी अजय जायसवाल को तहरीर दे दी। चौकी प्रभारी ने आरोपितों को पकड़कर लूटा मंगलसूत्र दिलाने का वायदा किया था। इसके बाद वह लगातार थाना और चौकी के चक्कर लगाते रहे। चौकी प्रभारी का हाल ही में संजय प्लेस चौकी प्रभारी के रूप में ट्रांसफर हो गया पर कार्रवाई नहीं हुई। मनीष ने बताया कि वे आठ बार पुलिस चौकी में जाकर चौकी प्रभारी अजय जायसवाल से मिले थे और पांच बार थाने में। थाने में उनसे पांच बार तहरीर की कापी ले ली गई। इसके बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। रविवार को सब्र का बांध टूटने पर उन्होंने पुलिस आयुक्त जे.रविन्दर गौड से शिकायत की। इसके बाद सोमवार रात को सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मनीष ने यह मंगलसूत्र पत्नी को उपहार में दिया था। पीड़ित द्वारा पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। इससे साफ है कि पुलिस लूट का मुकदमा दर्ज करना नहीं चाहती थी। उसका मानना था कि पीड़ित कुछ दिन चक्कर काटने के बाद शांत बैठ जाएगा।
मनीष का कहना है कि लूट की घटना आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी में आई थी। पुलिस ने सीसीटीवी के फुटेज देखे लेकिन उन्हें लेने नहीं दिया। अब तीन महीने बाद दुकानों के कैमरों की रिकार्डिंग डिलीट हो चुकी है। पुलिस बदमाशों का सुराग लगा उन्हें कैसे पकड़ेगी, इसे लेकर सवाल उठ रहा है। मामले में चौकी प्रभारी अजय जायसवाल की लापरवाही के चलते पुलिस की किरकिरी होने पर बुधवार रात डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने उसे निलंबित कर दिया।











