नई दिल्ली। पश्चिमी देशों के व्यवहार में अलग तरह का दंभ मालूम होता है। यह दंभ पत्रकारों-लेखकों में भी घर कर गया है। ऐसा न होता तो ब्रिटिश पत्रकार जेविएर ब्लास की उंगलियां भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए ‘कमोडिटी ट्रेडर’ जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करते। ब्लास को निर्मला की बस इतनी सी बात अखर गई जिसमें उन्होंने रूस से तेल/गैस खरीद जारी रखने की बात कही थी। ब्लास ने निर्मला के लिए जो कुछ लिखा, उससे भारतीय यूजर्स खासे नाराज हो गए। फिर क्या था, ब्लास को अंग्रेजों के ताजा कारनामों से लेकर सदियों पहले के अत्याचार तक याद दिला दिए गए। यह समझा दिया गया कि भारत संप्रभु राष्ट्र है, उसे किसी के लेक्चर की जरूरत नहीं है।
निर्मला सीतारमण ने कहा था कि मैं अपनी ऊर्जा सुरक्षा और अपने देश के हित को सबसे पहले रखूंगी। अगर आपूर्ति छूट पर उपलब्ध है, तो मुझे इसे क्यों नहीं खरीदना चाहिए? सीतारमण का यह बयान पढ़कर ब्लास अलग ही स्तर पर चले गए। ट्वीट करके कहा कि भारत की वित्त मंत्री किसी कमोडिटी ट्रेडर की तरह बात कर रही हैं। उनका आशय था कि सीतारमण किसी व्यापारी की तरह बस अपना हित देख रही हैं। इसके बाद भारतीय यूजर्स ने उन्हें घेर लिया।
अर्थशास्त्र, तेल और कमोडिटीज पर कॉलम लिखने वाले जेविएर ब्लास को भारतीयों ने आईना दिखा दिया। बकायदा आंकड़ों के साथ बताया गया कि पहले यह ज्ञान यूरोपियन यूनियन को जाकर दें। यूरोप अब भी रूस से तेल और गैस खरीद रहा है पर मजाल है कि उनके खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन के मुंह से चूं तक निकले। भारत को उपदेश दे रहे ब्लास से अदिति पटवर्धन नाम की यूजर ने कहा कि भारतीय वित्त मंत्री की बातें कमोडिटी ट्रेडर जैसी लग रही हैं, अगर किसी यूरोपियन मंत्री ने यही बोला होता तो वह सच्चा देशभक्त होता। है न जेविएर ब्लास? प्रीतम राव ने लिखा कि यह बेहद हास्यास्पद है कि जिस देश की अर्थव्यवस्था खून बहाकर बनाई गई हो, उसका नागरिक भारत को ज्ञान दे रहा है।
एयरफोर्स स्टेशन पर मिला पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस लिखा गुब्बारा, सुरक्षा एजेंसी अलर्ट
आगरा। एयरफोर्स स्टेशन परिसर में उसे समय खलबली मच गई जब तकनीकी क्षेत्र में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस लिखा गुब्बारा मिला।...











