आगरा। कॉपी बदलने के मामले में जांच कर रही एसटीएफ की रडार पर करीब 40 लोग हैं। इनमें अधिकारी, कर्मचारी दलाल और छात्र नेता शामिल हैं। एक-एक करके एसटीएफ सभी से पूछताछ करेगी। आज भी एसटीएफ की टीम ने लंबे समय तक विश्वविद्यालय में पूछताछ की।
बता दें कि बीएएमएस की कॉपियां बदलने का खेल चल रहा था। मामले में पुलिस ने देवेंद्र नाम के टेंपो चालक को जेल भेजा था। बाद में नंबर बढ़ाने के लिए पैसे लेने वाले डॉक्टर अतुल यादव को जेल भेजा गया। इधर यूनिवर्सिटी में लगातार हो रहे फर्जीवाड़ा और घोटालों को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और एसटीएफ जांच बैठा दी। एसटीएफ कई दिनों से विश्वविद्यालय में जांच कर रही है। विशेष सूत्रों के अनुसार एसटीएफ ने करीब 40 लोगों की सूची बनाई है।कल पुलिस अधीक्षक कुलदीप नारायण भी जांच के संबंध में आगरा आ रहे हैं।
इधर एसटीएफ ने जो मोबाइल नंबर जारी किया है, उस पर कई लोगों के द्वारा यूनिवर्सिटी में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत की जा रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भी अधिकारियों द्वारा कुंडली निकाली जा रही है।
एसटीएफ छात्र नेता को भी खोजने में लगी हुई है। वह सिकंदरा स्थित उसके आवास पर दबिश देने गई थी। चर्चाएं यह भी है कि राहुल तो एक मोहरा है। इस खेल के पीछे बड़े-बड़े खिलाड़ी हैं। गोपनीय विभाग के कर्मचारियों के साथ एजेंसी के भी कई कर्मचारी शामिल हैं। एसपी एसटीएफ राकेश कुमार ने बताया कि मामले की बहुत ही गंभीरता से जांच की जा रही है।











