-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद (नैक) में ए प्लस प्लस ग्रेडिंग प्राप्त करने की रणनीति बनाने वाली डॉ. भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी टेंट की कुर्सी और मेज भाड़े पर लेकर परीक्षाएं करा रही है। ऐसी पहली यूनिवर्सिटी होगी जिसमें छात्रों के लिए बेंच तक नहीं है। टेंट की कुर्सियां मंगा कर परीक्षाएं कराई जा रही हैं। योगी आदित्यनाथ की सख्त सरकार में परीक्षाओं का इस यूनिवर्सिटी में कई बार बुरा हाल देखने को मिल चुका है लेकिन अधिकारियों पर कोई भी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।
वर्तमान में बीपीएड कोर्स की परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षाओं के लिए छलेसर कैंपस को नोडल केंद्र बनाया गया है। यहां पर परीक्षाओं का जमकर मखौल उड़ रहा है। भाड़े पर टेंट की दावत वाली कुर्सियां और मेज मंगाकर परीक्षाएं कराई जा रही हैं। स्थिति यह है कि क्लास रूम के अलावा गैलरी में बाथरूम के सामने भी छात्र-छात्राओं को बैठा दिया गया है।

जिस यूनिवर्सिटी में अभी तक बड़े-बड़े घोटाले देखने को मिल चुके हैं उस यूनिवर्सिटी में फर्नीचर तक की व्यवस्था नहीं है। कुलपति और उनकी टीम के द्वारा कुलाधिपति के सामने भी राजभवन में यह कहा गया है कि नैक में ए प्लस प्लस ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। कुलाधिपति की भी यही अपेक्षा है कि डॉ. भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी नैक में ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त करें। सवाल खड़े हो रहे हैं कि यहां पर जो स्थिति है उसके हिसाब से यूनिवर्सिटी को बी ग्रेड भी मिल जाये तो बहुत है। टेंट की भाड़े की कुर्सी और मेज पर परीक्षाएं क्यों कराई जा रही हैं? इस बात की जानकारी के लिए परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर ओमप्रकाश का फोन मिलाया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
महाराणा प्रताप कॉलेज को भी बना दिया था केंद्र, दावत की तरह कराई थी परीक्षाएं

सितंबर 2022 में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और केंद्र बनाने वाले शिक्षकों ने महाराणा प्रताप कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया था। इस कॉलेज में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं थी। फिर भी उसे केंद्र बना दिया गया था। केंद्र पर टेंट की भाड़े की कुर्सियां और मेज मंगा कर पंगत वाली दावत की तरह परीक्षाएं कराई गई थी। मीडिया में मामला सुर्खियों में आने के बाद बड़ी मुश्किल से विश्वविद्यालय ने केंद्र बदला था। यहां तो कॉलेज पर केंद्र बदलने की कार्रवाई कर दी थी लेकिन इस बार यूनिवर्सिटी में ही टेंट की कुर्सियों पर परीक्षाएं हो रही हैं। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों पर कौन कार्रवाई करेगा। यह सवाल खड़े हो रहे हैं?
90 हजार का बेड और 85 हजार की अलमारी बनवा चुका है विश्वविद्यालय
अगर फर्नीचर की बात करें तो विश्वविद्यालय अब तक करोड़ों रुपए का फर्नीचर खरीद चुका है। जिस रेट में विश्वविद्यालय में खरीदारी हुई है उस रेट को सुनकर एसटीएफ भी हैरान हो गई थी। गेस्ट हाउस के लिए विश्वविद्यालय ने करीब 90 हजार का बेड, 85 हजार की अलमारी, 10 हजार की साइड कैबिनेट बनवाई थी। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने 25 बेड, 25 अलमारी और 86 कैबिनेट बनवाये थे।











