आगरा। आगरा की 15वीं वाहिनी पीएसी के नाम से आईजी स्थापना मुख्यालय को एक फर्जी ई-मेल भेजे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि यह मेल किसी भी सरकारी एनआईसी (nic.in) आईडी से नहीं भेजा गया, बल्कि पूरी तरह सुनियोजित साइबर साजिश के तहत तैयार किया गया था।
तकनीकी जांच में सामने आया कि फर्जी ई-मेल Hosting सर्वर के जरिए भेजा गया और Google MX सर्वर की मदद से उसे वैध दिखाते हुए जीमेल इनबॉक्स में डिलीवर कराया गया। यही वजह रही कि पहली नजर में मेल पूरी तरह सरकारी और प्रामाणिक प्रतीत हुआ। जांच एजेंसियों ने पाया कि आरोपियों ने सरकारी वेबसाइट की तर्ज पर दिखने वाले कई फर्जी डोमेन भी तैयार किए थे। इन डोमेनों का उद्देश्य अधिकारियों को भ्रमित करना और मेल को अधिक विश्वसनीय बनाना था।
सेवा प्रकरण में अनुचित लाभ लेने की कोशिश
फर्जी ई-मेल के जरिए पीएसी के एक कर्मचारी के सेवा प्रकरण से जुड़ा मामला आगे बढ़ाने और उसमें अनुचित लाभ दिलाने का प्रयास किया गया। आशंका है कि यदि समय रहते ई-मेल की जांच न होती, तो सरकारी प्रक्रिया से छेड़छाड़ संभव थी। तकनीकी ट्रेसिंग के बाद ई-मेल से जुड़े सिम कार्ड का पता चला, जो एटा और मथुरा निवासी दो युवतियों के नाम पर जारी हैं। इन दोनों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।










